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पश्चिम बंगाल में मिड-डे मील से अंडे हटाने का बीजेपी का निर्णय

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार ने स्कूलों के मिड-डे मील मेन्यू से अंडे हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम ममता बनर्जी की TMC सरकार के 15 साल के शासन के बाद उठाया गया है। इस निर्णय के पीछे राजनीतिक और सांस्कृतिक कारण हैं, जिसमें खान-पान की आदतें भी शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर स्पष्टता दी है कि मछली और अंडों पर कोई रोक नहीं लगेगी। जानें इस निर्णय के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

बीजेपी का नया निर्णय

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार ने हाल ही में कोलकाता में स्कूलों के मिड-डे मील मेन्यू से अंडे हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब पिछले महीने ममता बनर्जी की TMC सरकार का 15 साल का शासन समाप्त हुआ। इस दौरान अंडे एक विवाद का विषय बन गए हैं, और राज्यभर में TMC नेताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाएं हुई हैं। पार्टी में उत्तराधिकार की लड़ाई अब अंडों और मांसाहारी भोजन से जुड़ी चर्चाओं में उलझ गई है। हाल के चुनावी प्रचार के दौरान, खान-पान की आदतें एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गई थीं। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी थी कि यदि बीजेपी सत्ता में आती है, तो मछली, मांस और अंडों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।


केंद्रीय गृह मंत्री का बयान

बंगाल में मांसाहारी भोजन के सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन दावों को अफवाह बताते हुए स्पष्ट किया कि मछली और अंडों पर कोई रोक नहीं लगेगी। वरिष्ठ बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने मछली खाते हुए एक वीडियो साझा किया, जबकि अन्य नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि यह मुद्दा हिंदू-मुस्लिम का नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति का सम्मान करने का है।


खाने की थाली में बदलाव

बीजेपी की जीत के बाद, राज्य का पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 22 जून को घोषणा की कि प्राइमरी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए प्रति छात्र खर्च को ₹6.78 से बढ़ाकर ₹10 किया जाएगा। इसके साथ ही, इस्कॉन, अपने अन्नामित्र फाउंडेशन के माध्यम से, कोलकाता नगर निगम के स्कूलों में पका हुआ खाना प्रदान करेगा। मौजूदा योजना के तहत, हफ्ते में एक बार परोसे जाने वाले अंडे अब इस्कॉन के शाकाहारी मेन्यू में शामिल नहीं होंगे। इस्कॉन कोलकाता के वाइस-प्रेसिडेंट राधा रमन दास ने कहा कि छात्रों को पनीर, राजमा, सोया उत्पाद, दालें और दूध से बनी चीजें दी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन जो मेन्यू चल रहा है, वह अंतिम नहीं है और गलत जानकारी फैलाने से बचने की अपील की।