पश्चिम बंगाल में नई ऊर्जा का संचार: पीएम मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य में नई ऊर्जा और विकास की गति पर जोर दिया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के शासन के बाद बंगाल की स्वतंत्रता की बात की और विकास की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मोदी ने स्वच्छता को विकास का अभिन्न हिस्सा बताया और बंगाल के इतिहास को मान्यता देने की आवश्यकता पर बल दिया। जानें उनके संबोधन की मुख्य बातें और बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनके दृष्टिकोण के बारे में।
Jun 20, 2026, 18:10 IST
प्रधानमंत्री मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक दशक से अधिक के शासन के बाद बंगाल अब स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है। यह उनका चुनाव और शपथ ग्रहण समारोह के बाद बंगाल का पहला दौरा है, जिसमें उन्होंने कहा कि अब राज्य की हवा में एक नई ताजगी है।
बंगाल के विकास की गति
मोदी ने कहा कि लोगों में खुशी का माहौल बदलते बंगाल की भावना को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि बीजेपी-एनडीए सरकार ने पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई कमियों को दूर करने के लिए विकास की गति को तेज किया है। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम इस बात का गवाह है कि बंगाल अपने नए भविष्य के निर्माण में जुट गया है।
स्वच्छता और विकास
प्रधानमंत्री ने बंगाल के लोगों को पश्चिम बंग दिवस की बधाई दी और स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जहां स्वच्छता होगी, वहां विकास भी सुंदर दिखेगा। इस बार का पश्चिम बंग दिवस खास है, क्योंकि आजादी के बाद बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा गया था, वह अब साकार हो रहा है।
विकास के महा-अभियान की शुरुआत
मोदी ने कहा कि यह ऐतिहासिक तारीख पश्चिम बंगाल के विकास की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि डबल इंजन की सरकार ने पिछले दशकों में बने गड्ढों को भरने के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। आज यहां सैकड़ों करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है, जो बंगाल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी।
बंगाल की पहचान और इतिहास
मोदी ने कहा कि बंगाल ने अपने अस्मिता और पहचान को बनाए रखा है, भले ही उसे रक्तपात और विभाजन का सामना करना पड़ा हो। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने बंगाल को लावारिस छोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि बंगाल के इतिहास को दबाने की कोशिशें की गईं, लेकिन अब समय आ गया है कि बंगाल के महान संतानों के योगदान को मान्यता दी जाए।