पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में शेख वासूल को स्थानीय लोगों को डराने और चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी भी हुई है, जिन पर नगर निगम भर्ती घोटाले में शामिल होने का आरोप है। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की पूरी कहानी और क्या है आगे की स्थिति।
May 22, 2026, 13:33 IST
टीएमसी नेता की गिरफ्तारी
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बावजूद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। हाल ही में, एक और टीएमसी नेता को स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने, धोखाधड़ी करने और चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, टीएमसी मजदूर संघ के अध्यक्ष शेख वासूल पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी दिलाने के झूठे वादे करके लोगों से बड़ी रकम वसूल की और इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए स्थानीय निवासियों को धमकाया। गिरफ्तारी के समय, उन्होंने एक निजी मीडिया को बताया कि वह निर्दोष हैं और 15 वर्षों से पार्टी के साथ हैं, उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है।
मतदाता प्रभावित करने के आरोप
सूत्रों के अनुसार, शेख वासूल पर विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने और उन पर दबाव डालने का आरोप है, जिससे इलाके में तनाव उत्पन्न हुआ। बताया गया है कि चुनाव से पहले कई निवासियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दरअसल, उनके खिलाफ लंबे समय से कई शिकायतें मौजूद थीं। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के तहत, दुर्गापुर-फरीदपुर पुलिस ने गुरुवार रात को छापा मारा और वासूल को दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक के लाउदोहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उन्हें शुक्रवार सुबह दुर्गापुर उपमंडल न्यायालय में पेश किया गया।
ईडी की कार्रवाई
शुभेंदु अधिकारी के सत्ता में आने के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी पहली बड़ी कार्रवाई थी। उन पर नगर निगम भर्ती घोटाले में शामिल होने का आरोप है। ईडी के सूत्रों के अनुसार, बोस पर दक्षिण दमदम नगर पालिका के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए लगभग 150 उम्मीदवारों की सिफारिश करने का आरोप है, जिसके बदले उन्होंने आर्थिक लाभ प्राप्त किया। एजेंसी ने यह भी बताया कि बोस ने उन फ्लैटों के रूप में अपराध की आय का पता लगाया है, जिन्हें उन्होंने कथित तौर पर नगर निगम में नौकरी दिलाने के बदले हासिल किया था। जांचकर्ताओं ने यह भी कहा कि उनके बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा पाई गई है। बोस को इस मामले में पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश किए जाने के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार किया गया।