×

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सदस्य की गिरफ्तारी

पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध सदस्य की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। हामिद मंडल नामक इस व्यक्ति का संबंध एक आईएसआई समर्थित मॉड्यूल से होने का संदेह है, जो भाजपा और आरएसएस के नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक संवेदनशील मामला बताया है, जबकि भाजपा ने राज्य में कट्टरपंथी संगठनों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
 

पाकिस्तानी आतंकी संगठन के सदस्य की गिरफ्तारी

पूर्वी बर्धमान जिले में पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस सूत्रों द्वारा साझा की गई। जांचकर्ताओं का मानना है कि गिरफ्तार व्यक्ति का संबंध एक आईएसआई समर्थित मॉड्यूल से हो सकता है, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने हामिद मंडल को बर्धमान शहर के एक आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया। हामिद कुसुमग्राम का निवासी है। पुलिस ने बताया कि उसके पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है।


जांच की दिशा

जांचकर्ताओं ने यह पता लगाने का प्रयास किया है कि हामिद किसके संपर्क में था और उसकी गतिविधियाँ क्या थीं। उन्हें संदेह है कि वह पिछले एक साल से गैंगस्टर शहजाद भट्टी के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भट्टी का नेटवर्क मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी में संलग्न रहा है।


आतंकवादी गतिविधियों का नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क से होने वाली आय का उपयोग भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया। हामिद ने हाल ही में विधानसभा चुनाव से पहले हावड़ा के पिलखाना क्षेत्र में एक कपड़ा इकाई में काम छोड़कर बर्धमान शहर में एक फ्लैट किराए पर लिया।


मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले को 'बेहद संवेदनशील' बताते हुए कहा कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एसटीएफ आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा की जांच कर रही है।


भाजपा का आरोप

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ये संगठन उन नेताओं को निशाना बना रहे हैं जो चरमपंथी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हैं।