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पश्चिम बंगाल में चुनावों से पहले प्रशासनिक बदलाव: दुष्यंत नरियाला बने नए मुख्य सचिव

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले दुष्यंत नरियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इस बदलाव के साथ ही संघमित्रा घोष को गृह एवं पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव बनाया गया है। आयोग ने अधिकारियों के तबादले के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उन्हें चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। जानें इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के बारे में और चुनाव की मुख्य तिथियों के बारे में।
 

पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिवर्तन

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रविवार रात को, आयोग ने राज्य सरकार को एक पत्र भेजकर दुष्यंत नरियाला को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त करने का आदेश दिया।


अन्य प्रशासनिक नियुक्तियाँ

पत्र में आयोग ने संघमित्रा घोष को गृह एवं पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव नियुक्त करने का भी निर्देश दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। यह निर्णय राज्य में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद लिया गया। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों को तुरंत लागू किया जाए और अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट सोमवार अपराह्न तीन बजे तक भेजी जाए।


चुनाव की तिथियाँ

आयोग ने इन निर्देशों को तुरंत लागू करने का आदेश दिया है। चुनाव की मुख्य तिथियाँ इस प्रकार हैं: मतदान के चरण 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।


दुष्यंत नरियाला का परिचय

दुष्यंत नरियाला भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था में एक कुशल और कड़क अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वह 1993 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 2 जून 1967 को हरियाणा में हुआ था। उन्होंने विज्ञान में स्नातक (B.Sc.) और कानून की डिग्री (LL.B.) प्राप्त की है।


अपने करियर में, नरियाला ने राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। मुख्य सचिव बनने से पहले, वे उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा, उन्होंने गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। उन्होंने आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा, स्कूल शिक्षा, और कार्मिक एवं सामान्य प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सचिव और प्रधान सचिव के रूप में कार्य किया है।