पश्चिम बंगाल में TMC के सांसदों के BJP से संपर्क की चर्चा, राजनीतिक हलचल तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर से हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के लगभग 12 सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संपर्क में हैं, जिससे आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी सांसद ने पार्टी छोड़ने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन दिल्ली और कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर चर्चा जोरों पर है।
सूत्रों के अनुसार, TMC के कुछ सांसद पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली और टिकट वितरण को लेकर असंतुष्ट हैं। पार्टी में बढ़ती गुटबाजी के बीच कई नेताओं को यह चिंता है कि आगामी चुनावों में उनकी स्थिति कमजोर हो सकती है। इसी कारण कुछ सांसदों के BJP के शीर्ष नेताओं से संपर्क में होने की बातें सामने आई हैं.
BJP के नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी का विस्तार जारी है और कई विपक्षी नेता भाजपा में शामिल होने के इच्छुक हैं। भाजपा का दावा है कि ममता सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है, जिसका असर अब TMC के भीतर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, पार्टी ने सांसदों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि भाजपा केवल मीडिया में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है और TMC पूरी तरह से एकजुट है। प्रवक्ताओं ने कहा कि बंगाल की जनता अभी भी ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भरोसा करती है और भाजपा की 'ऑपरेशन लोटस' राजनीति राज्य में सफल नहीं होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि TMC के सांसदों में असंतोष बढ़ता है, तो इसका प्रभाव 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव और राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है। लोकसभा चुनाव के बाद से विपक्षी दलों के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर कई चुनौतियाँ सामने आई हैं। ऐसे में BJP बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने का कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहती।
इस बीच, राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले हफ्तों में दिल्ली में कई महत्वपूर्ण बैठकों और घटनाक्रमों के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल सभी की नजरें ममता बनर्जी की अगली रणनीति और TMC के आंतरिक हालात पर टिकी हुई हैं।