पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और विपक्ष के आरोप
भाजपा का ऐतिहासिक विजय
पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। भाजपा ने 206 सीटें जीतकर विधानसभा में दो-तिहाई से अधिक बहुमत प्राप्त किया है, जिससे तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का शासन समाप्त हो गया है। टीएमसी को केवल 80 सीटें मिलीं, और यह चुनाव मतदाता सूची के विशेष संशोधन के बाद हुए पहले चुनाव में एक सीट से आगे रही। 293 विधानसभा सीटों में से 292 के परिणाम घोषित हो चुके हैं।
विपक्ष के आरोप
हालांकि, इस जीत के बाद विपक्ष ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाना शुरू कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के नाम एसआईआर के माध्यम से हटा दिए गए, जिससे उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं मिला। राउत ने कहा कि जीत और हार के बीच 11 लाख वोटों का अंतर है, और यदि 9 लाख वोट काट दिए गए हैं, तो यह कैसे संभव है कि यह मोदी और शाह की जीत हो? उन्होंने इस तरह के चुनावों की तुलना पाकिस्तान, रूस और अजरबैजान के चुनावों से की।
राहुल गांधी का समर्थन
संजय राउत ने ममता बनर्जी के राहुल गांधी के साथ चर्चा न करने को गंभीर अपराध बताया। उन्होंने कहा कि अगर ममता दीदी राहुल गांधी के साथ बैठकर इस मुद्दे पर बात करतीं, तो परिणाम अलग हो सकते थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग की मदद से पश्चिम बंगाल और असम में चुनावों में धांधली की है। उन्होंने ममता बनर्जी के इस दावे का समर्थन किया कि पश्चिम बंगाल में 100 सीटों की लूट हुई है।