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पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद एनडीए की नई रणनीतियाँ

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों के बाद, राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बीच, बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक को फिर से पेश करने की योजना बना रही है। टीएमसी के बागी सांसदों का समर्थन एनडीए के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जिससे उनकी सीटों की संख्या 300 के पार जा सकती है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की रणनीतियाँ और संभावित विधेयक।
 

कोलकाता से दिल्ली तक की हलचल


पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद कोलकाता से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक विवादों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक को फिर से संसद में पेश कर सकती है। इससे पहले बजट सत्र में दो-तिहाई बहुमत की कमी के कारण महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक लोकसभा में गिर गए थे।


संविधान संशोधन विधेयक का महत्व

जुलाई के अंत में मानसून सत्र की शुरुआत होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, जो 2011 की जनगणना के आधार पर चुनावी सीमाओं को पुनः निर्धारित करने का उद्देश्य रखता था, बजट सत्र में पारित नहीं हो सका। वर्तमान में एनडीए के पास लोकसभा में बहुमत है, लेकिन यह दो-तिहाई से कम है।


टीएमसी के बागियों का समर्थन

सोमवार (09 जून) को टीएमसी की सांसद काकोली घोषण दस्तीदार ने दावा किया कि उन्हें 20 टीएमसी सांसदों का समर्थन प्राप्त है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ममता बनर्जी के बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि 20 बागी सांसद पार्टी छोड़ते हैं, तो यह दल-बदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक संख्या से अधिक होगा।


बागी सांसदों का नया गुट

रिपोर्टों के अनुसार, बागी टीएमसी सांसद एक नया गुट बनाने की योजना बना रहे हैं और एनडीए सरकार को समर्थन देने की तैयारी कर रहे हैं। यदि ऐसा होता है, तो लोकसभा में एनडीए की सीटों की संख्या पहली बार 300 के पार जा सकती है। 2024 के आम चुनाव में एनडीए को 293 सीटें मिली थीं।


डीएमके का सहयोग

हाल ही में तमिलनाडु में डीएमके को मिली हार के बाद उसकी सहयोगी कांग्रेस ने साथ छोड़ दिया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि लोकसभा में डीएमके से सशर्त समर्थन प्राप्त करने के लिए बातचीत चल रही है। यदि यह सफल होता है, तो एनडीए दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुँच जाएगा।


महत्वपूर्ण विधेयकों की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का संविधान संशोधन विधेयक और 'एक देश, एक चुनाव' जैसे बिल शामिल हैं।


संसद में संख्याबल का गणित

टीएमसी के बागी सांसदों का समर्थन एनडीए की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। लोकसभा में 543 सदस्यों में से दो-तिहाई बहुमत के लिए 362 सांसदों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में एनडीए के पास 293 सांसद हैं। यदि बागी टीएमसी सांसद एनडीए का समर्थन करते हैं, तो यह संख्या 313 हो जाएगी।


अप्रैल में क्या हुआ था?

अप्रैल में 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लिए मतदान के दौरान 528 सांसद उपस्थित थे, जिसमें 352 वोटों की आवश्यकता थी। विधेयक के पक्ष में 298 वोट मिले, जबकि इसके विरोध में 230 वोट पड़े। इस प्रकार, यह विधेयक गिर गया।