पश्चिम बंगाल चुनाव: निर्वाचन आयोग ने मतदान सुरक्षा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए
निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देश
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद, निर्वाचन आयोग ने निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा के प्रबंधन के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदान प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को रोकना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी दी।
बृहस्पतिवार को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदान केंद्रों पर लगे कैमरों में उपयोग किए गए एसडी कार्ड मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद नहीं निकाले जा सकेंगे। केवल संबंधित अधिकारियों को कैमरे उतारने की अनुमति होगी, और इसके बाद कैमरे सेक्टर अधिकारी की निगरानी में रहेंगे।
नए प्रोटोकॉल की प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के नए प्रोटोकॉल के अनुसार, मतदान समाप्त होते ही बूथ पर लगे कैमरों से मेमोरी कार्ड नहीं निकाले जा सकेंगे। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया निर्धारित की गई है:
कैमरों की सुरक्षा: मतदान समाप्त होने के बाद अधिकारी केवल कैमरे को उनके स्टैंड से उतार सकेंगे।
सेक्टर अधिकारी की निगरानी: उतारे गए कैमरे सीधे सेक्टर अधिकारी की निगरानी में रहेंगे।
डेटा संग्रहण: एसडी कार्ड केवल 'रिसीविंग सेंटर' पर ही निकाले जा सकेंगे, और यह प्रक्रिया सहायक निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में पूरी की जाएगी।
चुनाव अधिकारी ने कहा, 'एसडी कार्ड केवल निर्धारित डेटा संग्रहण और 'रिसीविंग सेंटर' पर सहायक निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में ही निकाले जा सकेंगे।' मतदान के दौरान रिकॉर्ड की गई सभी वीडियो फुटेज को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करना अनिवार्य होगा।
मतदान प्रक्रिया की निगरानी
उन्होंने यह भी बताया कि जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह से नहीं उतार लिए जाते, तब तक मतदान दल का कोई सदस्य या बूथ स्तरीय अधिकारी मतदान केंद्र नहीं छोड़ सकता।
इस बीच, अधिकारी ने कहा कि दूसरे चरण के मतदान के लिए वेबकास्टिंग का परीक्षण शुक्रवार सुबह शुरू होगा। यह अभ्यास तीन चरणों में किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान बृहस्पतिवार को हुआ, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को की जाएगी।