पश्चिम बंगाल चुनाव: ईवीएम विवाद के बीच सियासी तनाव बढ़ा
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले कोलकाता में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच ईवीएम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताई है, जबकि भाजपा ने इसे निराधार बताया है। चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सभी मतगणना केंद्रों पर निगरानी रखी जा रही है। भवानीपुर क्षेत्र में तनाव बढ़ने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। अब सभी की नजरें चार मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।
May 1, 2026, 15:51 IST
कोलकाता में चुनावी माहौल तनावपूर्ण
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले कोलकाता में राजनीतिक स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच ईवीएम को लेकर आरोपों का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार रात अचानक सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल का दौरा किया, जहां भवानीपुर सीट की ईवीएम मशीनें रखी गई हैं। मुख्यमंत्री वहां देर रात तक रहीं और उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कई स्थानों से ईवीएम में गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके चलते वह खुद स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं।
मुख्यमंत्री का दौरा और भाजपा की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभ में केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोका, लेकिन निर्वाचन नियमों के अनुसार उम्मीदवार और चुनाव एजेंट को सील कक्ष में जाने की अनुमति होती है। बाद में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेकर अंदर प्रवेश किया, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई। दूसरी ओर, भाजपा नेता शुभेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि ईवीएम पर संदेह जताना उनकी पुरानी आदत है, जो उनकी संभावित हार के डर को दर्शाता है।
चुनाव आयोग की स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश
इस घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग और प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मतगणना केंद्रों पर किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं है और सभी स्ट्रॉन्ग रूम चौबीस घंटे सीसीटीवी निगरानी में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिना ठोस प्रमाण के लगाए गए आरोप निराधार हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी मतगणना में केंद्रीय कर्मियों की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया।
भवानीपुर क्षेत्र में तनाव
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र, जहां मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता आमने-सामने हैं, इस बार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस के एक वाहन को रोका, आरोप लगाते हुए कि उसमें संदिग्ध सामग्री है, जिसका उपयोग ईवीएम में छेड़छाड़ के लिए किया जा सकता है। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नकली मशीनें लाकर उन्हें बदलने की कोशिश कर सकती है। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
मुख्यमंत्री का ईवीएम पर बयान
मुख्यमंत्री ने इन आरोपों के बीच कहा कि उनकी पार्टी ईवीएम से छेड़छाड़ की हर कोशिश को विफल करेगी। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि उनके दल के एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य की मंत्री शशि पांजा ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, आरोप लगाते हुए कि स्ट्रांग रूम से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी किसी भी राजनीतिक दल को पहले से नहीं दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी माहौल
नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जहां मतगणना से पहले ईवीएम और वीवीपैट मशीनें रखी गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। तृणमूल कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक नाटक बता रही है। चार मई को होने वाली मतगणना से पहले दोनों दलों के बीच अविश्वास का यह माहौल प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए चुनौती बन गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मतगणना शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होती है या नहीं।