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पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी महासंग्राम: मतदान की प्रक्रिया शुरू

आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है, जहाँ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। तमिलनाडु में DMK और AIADMK के साथ-साथ अभिनेता विजय की पार्टी TVK भी चुनावी मैदान में है। दोनों राज्यों में मतदाता भागीदारी की उम्मीद काफी अधिक है। जानें इन चुनावों में प्रमुख मुद्दे और पार्टियों की रणनीतियाँ क्या हैं।
 

महत्वपूर्ण चुनावी दिन

आज भारत के दो प्रमुख राज्यों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। हफ्तों तक चले प्रचार और रैलियों के बाद, बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है, जबकि तमिलनाडु में एक नया 'सुपरस्टार' चुनावी मैदान में है।


पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से पहले चरण का मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जिसमें सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का सामना भाजपा से है। वहीं, तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही दिन मतदान हो रहा है, जहाँ DMK, AIADMK-BJP गठबंधन और विजय की TVK के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है.


मतदाता भागीदारी

पश्चिम बंगाल में कई मतदान केंद्रों पर वोटिंग के शुरुआती घंटों में लंबी कतारें देखी गईं, क्योंकि पहले चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाता अपने वोट डालने के लिए तैयार हैं। तमिलनाडु में भी मतदाताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है, जहाँ लगभग 5.67 करोड़ योग्य मतदाता हैं। दोनों राज्यों में मतदाता भागीदारी की उम्मीद काफी अधिक है।


राजनीतिक मुकाबला

बंगाल में, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा और तीव्र मुकाबला है। भाजपा की चुनावी मुहिम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं।


भाजपा ने एक आक्रामक चुनावी रणनीति अपनाई है, जिसमें हिंदुत्व के संदेश को भ्रष्टाचार और बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के आरोपों के साथ जोड़ा गया है।


TMC की रणनीति

हालांकि, TMC ने विवादास्पद 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर भाजपा पर हमला बोलते हुए थोड़ी बढ़त हासिल की है। उसने भाजपा पर निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। बंगाल की मतदाता सूचियों से 91 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं, जिससे लगभग 62 लाख मतदाताओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।


महिलाओं पर ध्यान

ममता बनर्जी की पार्टी 'लक्ष्मी भंडार' जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा कर रही है। वह बंगाली पहचान को भी चुनावी मुद्दा बना रही हैं, खुद को भाजपा की शाकाहारी सोच के मुकाबले मांसाहारी संस्कृति का रक्षक बताकर।


दोनों पार्टियों ने महिलाओं को आकर्षित करने के लिए बड़े पैमाने पर संपर्क साधा है। भाजपा ने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये का भत्ता देने का वादा किया है, जो TMC के 2,000 रुपये के वादे से अधिक है।


तमिलनाडु का चुनावी परिदृश्य

तमिलनाडु में चुनावी मुकाबला और भी पेचीदा है। यहाँ की पुरानी द्रविड़ पार्टियाँ—DMK और AIADMK—एक नए प्रतिद्वंद्वी, अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK का सामना कर रही हैं।


DMK ने इस चुनाव को अपने शासन और जन-कल्याणकारी कार्यों पर जनमत-संग्रह के रूप में पेश किया है। वहीं, AIADMK अपनी राजनीतिक वापसी की कोशिश कर रही है।


महत्वपूर्ण विधानसभा सीटें

जिन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर सबकी नज़र रहेगी, उनमें कोलाथुर शामिल है, जहाँ एम.के. स्टालिन दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। विजय दो सीटों से चुनावी सफर की शुरुआत करेंगे।


AIADMK के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी अपने गृह क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंदी ओ. पन्नीरसेल्वम ने चुनाव से पहले DMK का दामन थाम लिया है।