पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया के संकट पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की। इस बैठक में उन्होंने सभी राज्यों से एकजुट होकर काम करने और अपनी तैयारियों को मजबूत करने का आग्रह किया।
बैठक में शामिल मुख्यमंत्री
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं पर चर्चा की गई। यह पहली बार है जब पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण कुछ चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में उपस्थित रहे।
लॉकडाउन की अफवाहें
इससे पहले, सरकार ने स्पष्ट किया था कि देश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सहित तीन मंत्रियों ने लॉकडाउन की अफवाहों को गलत बताया। बैठक में आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
मंत्रियों के बयान
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा था कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी लॉकडाउन की अफवाहों को खारिज किया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन नहीं होगा।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी ने कोविड जैसी स्थिति आने की बात कही है, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने कोविड के दौरान हुई पीड़ा को याद दिलाया।
पेट्रोलियम मंत्रालय का बयान
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन से जुड़ी अफवाहें गलत हैं और देश में पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार है।
केंद्रीय मंत्रियों का समूह
केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रियों का एक समूह बनाया है।
पश्चिम एशिया में युद्ध
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद युद्ध शुरू हुआ, जो अब चार हफ्तों से जारी है। इस संकट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ा है, विशेषकर तेल और गैस की कीमतों पर।