×

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण 16 भारतीय नागरिकों की मौत, 75 घायल

पश्चिम एशिया में हाल के संघर्ष के चलते 16 भारतीय नागरिकों की जान गई है, जिनमें 10 नाविक शामिल हैं। इसके अलावा 75 अन्य घायल हुए हैं। सरकार ने मृतकों के परिवारों को सहायता प्रदान की है और घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में कराया जा रहा है। जानें इस संकट के दौरान सरकार की ओर से उठाए गए कदम और भारतीय नागरिकों की स्थिति के बारे में।
 

संघर्ष के दौरान भारतीय नागरिकों की स्थिति

सरकार ने जानकारी दी है कि पश्चिम एशिया में इस वर्ष संघर्ष शुरू होने के बाद से 10 नाविकों सहित कुल 16 भारतीय नागरिकों की जान गई है, जबकि 75 अन्य घायल हुए हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में माकपा सांसद जॉन ब्रिटास के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी साझा की।


सिंह ने बताया कि 2026 में शुरू हुए संघर्ष के दौरान सऊदी अरब में एक, कुवैत में दो, ओमान में आठ, इराक में एक और संयुक्त अरब अमीरात में चार भारतीय नागरिकों की मौत हुई। उन्होंने यह भी बताया कि 75 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से 32 यूएई, 24 ओमान, 4 कतर, 13 कुवैत और एक-एक सऊदी अरब और इजराइल में घायल हुए।


इसके अलावा, कतर के रास लाफान गैस संयंत्र में हुई एक दुर्घटना में 12 भारतीय नागरिकों की भी जान गई।


सरकार की सहायता और राहत कार्य

विदेश मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने संबंधित देशों के साथ समन्वय स्थापित कर मृतकों के परिवारों को सहायता प्रदान की और उनके शवों को भारत लाने की व्यवस्था की। घायल नागरिकों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में किया गया। मंत्री ने कहा कि भारतीय दूतावासों ने स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों के साथ संपर्क बनाए रखा और घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।


परिवारों को यात्रा विकल्पों की जानकारी देने और सुरक्षित भारत वापसी में भी सहायता की गई। मंत्री ने बताया कि युद्ध क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं में डीजीएमए कल्याण योजना के तहत प्रभावित नाविकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है।


ईरान में भारतीय नागरिकों की स्थिति

सिंह ने कहा कि फरवरी 2026 में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान से 2,557 भारतीय नागरिकों को सीमा पार कर आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचाने में मदद की, जिससे वे भारत लौट सके।


उन्होंने बताया कि ईरान में लगभग 7,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें छात्र, कामगार, नाविक और मछुआरे शामिल हैं। संघर्ष के कारण भारत लौटे मेडिकल छात्रों की समस्याओं को ईरानी अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है।


अमेरिका में भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि अमेरिका के सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत 52 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सीमा गश्ती दल ने 11 से 15 मई 2026 के बीच एरिजोना में अवैध रूप से रहने वाले 52 लोगों को पकड़ा।


सिंह ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाई के बारे में विदेश मंत्रालय को पहले से कोई जानकारी नहीं थी। भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया और संबंधित जानकारी मांगी।