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पश्चिम एशिया में संघर्ष: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि लेबनान में इजरायली हमलों में कई लोग मारे गए हैं। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे, तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। रूस ने भी ईरान से संघर्ष की वापसी को रोकने की अपील की है। इस स्थिति पर विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें।
 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष

पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच अब तक कोई औपचारिक युद्धविराम समझौता नहीं हुआ है, और हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले 48 घंटों में तनाव बढ़ गया है, जब ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने दक्षिणी प्रांत होरमोजगन में सैन्य कार्रवाई कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है.


अमेरिका की सैन्य कार्रवाई

नया संघर्ष शुरू करने से बचे ईरान, अमेरिका से वार्ता के बीच रूस की अपील


अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को दावा किया कि उसने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और कुछ नौकाओं पर हमला किया। अमेरिका के अनुसार, ये नौकाएं खाड़ी क्षेत्र में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इसके जवाब में, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि उसने अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया, जो कथित तौर पर ईरानी हवाई सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे थे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना लगातार गैरकानूनी और उकसावे वाली कार्रवाई कर रही है और पिछले 48 घंटों में उसने युद्धविराम का उल्लंघन किया है.


लेबनान में स्थिति

लेबनान में भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। मंगलवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इजरायली सेना ने दक्षिण और पूर्वी लेबनान के कई इलाकों में हमले तेज कर दिए हैं और लोगों को गांव खाली करने के आदेश दिए हैं।


लगातार हो रहे हमलों के कारण दक्षिणी लेबनान में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। बताया जा रहा है कि इजरायली जमीनी सेना भी लेबनानी क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।


ईरान की प्रतिक्रिया

तेहरान से मिली रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारी अमेरिका की कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन मानते हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी हमलों के बाद अब वॉशिंगटन पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है, जिससे शांति वार्ता पर भी असर पड़ सकता है।


इस बीच, ईरान की सेना के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने फिर से हमला किया, तो ईरान पहले से कहीं ज्यादा कड़ा और व्यापक जवाब देगा, जिसका असर क्षेत्र से बाहर भी देखने को मिल सकता है.


इंटरनेट सेवाओं की बहाली

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि कई हफ्तों की पाबंदियों के बाद देश में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की दिशा में पहला कदम उठाया गया है.


रूस की अपील

रूस के एक सुरक्षा अधिकारी ने ईरान से अपील की है कि वह क्षेत्र में संघर्ष की वापसी को रोके। ईरान को पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेनेडिक्टोव ने कहा कि यह जरूरी है कि हम फिर से होने वाले सैन्य टकराव से बचें। इसके बजाय इस क्षेत्र के लिए एक नई सुरक्षा व्यवस्था बनाने पर ध्यान दें। यह बैठक मॉस्को में एक सुरक्षा सम्मेलन के दौरान हुई, जहां कई देशों के अधिकारी क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए इकट्ठा हुए थे.