पथरी के घरेलू उपचार: राजीव दीक्षित के नुस्खे
पथरी का उपचार
पथरी का महत्व: पथरी को अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन यह कभी-कभी जानलेवा हो सकती है। पथरी विभिन्न प्रकार की होती है और इसके लक्षण भी भिन्न हो सकते हैं। सामान्यतः किडनी, गॉलब्लैडर और ब्लैडर में पथरी पाई जाती है।
इसका इलाज करने के लिए कई लोग घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं, जिनमें से कुछ प्रभावी होते हैं। आज हम आपको राजीव दीक्षित द्वारा बताए गए कुछ उपायों के बारे में बताएंगे, जिनसे आप पेट में मौजूद पथरी को तोड़ सकते हैं।
पथरी के लक्षण:
पथरी के सामान्य लक्षणों में तेज पेट दर्द शामिल है। कई लोग इसे दवा लेकर नजरअंदाज कर देते हैं। यदि आपको अचानक तेज दर्द या ऐंठन का अनुभव होता है, तो यह पथरी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, अन्य लक्षण भी हो सकते हैं:
- यदि आपको मतली या उल्टी का अनुभव हो रहा है, तो यह भी पथरी का लक्षण हो सकता है।
- पेशाब करते समय जलन या दर्द का अनुभव होना भी पथरी का संकेत है।
- पेशाब में खून आना या रंग में बदलाव होना भी पथरी का लक्षण है।
- लगातार बुखार और ठंड लगना भी पथरी के लक्षणों में शामिल है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
पथरी का घरेलू उपचार:
राजीव दीक्षित ने पथरी के इलाज के लिए सेब के जूस को बेहद फायदेमंद बताया है। विशेष रूप से गॉलब्लैडर में पथरी के लिए, रोज सुबह खाली पेट तीन से चार सेब का जूस पीना चाहिए। उन्होंने बताया कि सेब की सारी ताकत उसके छिलके में होती है, इसलिए इसे बिना छिलका उतारे ही निकालें। नियमित रूप से ऐसा करने पर 6 से 8 महीने में पथरी समाप्त हो सकती है।
पानी पीने की आदत में सुधार:
राजीव दीक्षित ने यह भी बताया कि पथरी उन लोगों में अधिक होती है जो बिना रुके पानी पीते हैं। जो लोग घूंट-घूंट करके पानी पीते हैं, उन्हें पथरी होने का खतरा कम होता है। इसलिए हमेशा एक-एक घूंट करके पानी पीना चाहिए। आयुर्वेद में भी इस बात का उल्लेख है कि इस तरह से पानी पीने वाले लोग कई बीमारियों से बचे रहते हैं। इसके अलावा, पथरी होने पर धनिए की चटनी का सेवन भी लाभकारी होता है। किडनी में पथरी होने पर अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है।