×

पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची

शाहजहांपुर के कांट के लिंथरा गांव में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति ओमकार की हत्या कर दी। ओमा भारती और नन्हे ने मिलकर ओमकार को मारने की योजना बनाई और उसे नशे में धुत करके उसकी गर्दन दबा दी। इसके बाद शव को बगीचे में दफना दिया। पुलिस ने तीन महीने बाद इस मामले का खुलासा किया। जानें इस दिलचस्प और रहस्यमय हत्या की पूरी कहानी।
 

शाहजहांपुर में हत्या का मामला


सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के कांट के लिंथरा गांव में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति ओमकार की हत्या कर दी। ओमा भारती और उसके प्रेमी नन्हे ने मिलकर ओमकार की गर्दन को पैर से दबाकर उसे मार डाला। इसके बाद नन्हे ने शव को अपने बगीचे में दफना दिया। इस घटना का खुलासा पुलिस ने साढ़े तीन महीने बाद किया।


पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को आरोपियों की निशानदेही पर शव को बरामद किया गया और डीएनए जांच के लिए भेजा गया। ओमकार को अपने पत्नी के प्रेम संबंधों की जानकारी होने के बाद ओमा और नन्हे ने उसे खत्म करने का निर्णय लिया।


गुमशुदगी की रिपोर्ट और जांच

मानपुर मलिकापुर गांव के निवासी सत्यवीर सिंह ने 6 मार्च को अपने भाई ओमकार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ओमकार 23 फरवरी को तिलहर न्यायालय में एक मामले की तारीख पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं आया। जांच के दौरान, सत्यवीर ने ओमकार के अपहरण की आशंका जताते हुए ओमा और नन्हे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।


पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिससे पता चला कि ओमा और नन्हे के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। ओमकार इस रिश्ते का विरोध करता था, जिससे दोनों को डर था कि वह उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है।


हत्या की योजना

ओमा और नन्हे ने मिलकर ओमकार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। एसपी सिटी ने बताया कि घटना के दिन ओमकार को नन्हे के बगीचे में बुलाया गया, जहां उसे शराब पिलाई गई। जब वह नशे में था, तब नन्हे ने उसके गले पर पैर रखकर उसे मार डाला और शव को बगीचे में केले के पेड़ के नीचे दफना दिया।


ओमकार और ओमा का परिवार

ओमकार और ओमा की शादी लगभग 20 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। ओमा अक्सर अपनी बड़ी बहन के घर जाती थी, जहां उसकी मुलाकात नन्हे से हुई। ओमकार के लापता होने के बाद ओमा नन्हे के पास चली गई, जिससे परिजनों को शक हुआ कि ओमकार के लापता होने में इन दोनों का हाथ है।


पुलिस ने जब नन्हे और ओमा के संबंधों के बारे में जानकारी प्राप्त की, तो दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों ने हत्या की पूरी कहानी कबूल कर ली।


ओमकार के खिलाफ आपराधिक मामले

ओमकार पर विभिन्न थानों में लगभग आठ आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें सेहरामऊ दक्षिणी थाने में एक हत्या का मामला और तिलहर थाने में हत्या के प्रयास का मामला शामिल था।