पति ने पत्नी के नाम पर लिया लोन, फिर फरार होकर गुजारा भत्ता मांगा
पति-पत्नी के रिश्ते में आई दरार
एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी के नाम पर लाखों रुपये का लोन लिया और फिर कार और गहने लेकर फरार हो गया। इसके बाद उसने उसी पत्नी से गुजारा भत्ता मांगने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
शादी के बाद की स्थिति
दोनों की शादी 18 मई 2019 को इटावा में हुई थी। शादी से पहले, दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। शादी के बाद पत्नी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में नौकरी मिली, जबकि पति को सरकारी नौकरी नहीं मिली। बाद में उसने LLB की पढ़ाई की और वकालत शुरू की।
आरोप और विवाद
पति का कहना है कि पत्नी के नौकरी मिलने के बाद उसका व्यवहार बदल गया। वहीं, पत्नी ने आरोप लगाया कि पति उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था और उसके पैसे का गलत इस्तेमाल करता था।
पत्नी के नाम पर लिए गए लोन
पत्नी के अनुसार, पति ने उसके नाम पर दो पर्सनल लोन लिए, एक ₹11.5 लाख और दूसरा ₹13.56 लाख। यह पैसा जमीन खरीदने के नाम पर लिया गया, लेकिन पति ने इसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।
फरार होने के बाद की स्थिति
पत्नी ने बताया कि पति उसे मायके छोड़कर चला गया और बाद में घर से कार, गहने और अन्य सामान लेकर फरार हो गया। जब उसने कार वापस मांगी, तो पति ने ₹10 लाख की मांग की।
कानूनी कार्रवाई
इस पर पत्नी ने मार्च 2024 में एफआईआर दर्ज कराई। पति ने एफआईआर रद्द कराने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। बाद में उसने मेंटेनेंस के लिए केस किया, जिसमें फैमिली कोर्ट ने पत्नी को ₹5,000 महीने और ₹10,000 खर्च देने का आदेश दिया।
उच्च न्यायालय का निर्णय
23 अप्रैल 2026 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पाया कि पति ने झूठे हलफनामे देकर अपनी असली आय छुपाई और पत्नी का आर्थिक शोषण किया। अदालत ने कहा कि शादी के नाम पर आर्थिक और मानसिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
जुर्माना
कोर्ट ने पति पर ₹15 लाख का जुर्माना लगाया और कहा कि उसने कानून का गलत इस्तेमाल किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शादी का रिश्ता किसी के शोषण का माध्यम नहीं बन सकता।