पति की सफाई न रखने पर पत्नी ने किया तलाक का दावा
पति की सफाई को लेकर विवाद
नई दिल्ली। आमतौर पर घरेलू हिंसा या विवाहेतर संबंधों के कारण रिश्ते टूटते हैं, लेकिन क्या कोई सफाई के अभाव में तलाक ले सकता है? हाल ही में तुर्की की एक महिला ने अपने पति के खिलाफ ऐसा ही एक अनोखा मुकदमा दायर किया है।
महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति न केवल नहाता नहीं है, बल्कि वह सप्ताह में केवल एक या दो बार ही अपने दांतों को ब्रश करता है। उसकी पहचान ए.वाई. के नाम से की गई है। तुर्की के समाचार मीडिया के अनुसार, पति की सफाई न रखने की आदतें विवाद का मुख्य कारण बनीं। महिला ने अंकारा की 19वीं फैमिली कोर्ट में बताया कि उसका पति लगातार 5 दिनों तक एक ही कपड़े पहने रहता है और उससे पसीने की गंध आती है।
गवाहों की गवाही
महिला के दावों की पुष्टि के लिए गवाहों को पेश किया गया, जिनमें पति के सहकर्मी और आपसी परिचित शामिल थे। सभी ने महिला की बातों को सही ठहराया। अदालत ने महिला के तलाक के अनुरोध को स्वीकार कर लिया और पति को अपनी पूर्व पत्नी को व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी के लिए 500,000 तुर्की लीरा (लगभग 16,500 डॉलर) का मुआवजा देने का आदेश दिया।
महिला के वकील, सेनेम यिलमाज़ेल ने एक समाचार पत्र को बताया कि पति-पत्नी को साझा जीवन की जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए। यदि किसी के व्यवहार के कारण जीवन असहनीय हो जाता है, तो दूसरे पक्ष को तलाक की अर्जी देने का अधिकार है।
स्वच्छता की कमी का असर
गवाहों के अनुसार, पति हर 7-10 दिन में एक बार ही नहाता था और उसके मुंह से गंदी बदबू आती थी। सहकर्मियों ने भी बताया कि उनके लिए उसके पास बैठकर काम करना मुश्किल हो जाता था। अंततः महिला ने अपने पति से तलाक ले लिया। उल्लेखनीय है कि ऐसे मामले पहले भी सामने आए हैं, जैसे 2018 में एक ताइवानी व्यक्ति ने अपनी पत्नी को इसलिए तलाक दिया था क्योंकि वह साल में केवल एक बार नहाती थी।