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पटियाला में रेलवे ट्रैक पर आतंकवादी हमले की कोशिश नाकाम

पटियाला जिले में शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर एक बड़ी आतंकवादी साजिश का प्रयास विफल हो गया है। खालिस्तान टाइगर फोर्स ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें एक संदिग्ध आतंकवादी की मौत हो गई। यह घटना पिछले तीन महीनों में फ्रेट कॉरिडोर पर दूसरा धमाका है, जिससे राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच की संभावना बढ़ गई है। पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और मामले की गहन जांच जारी है।
 

पटियाला में आतंकवादी साजिश का खुलासा

पंजाब के पटियाला जिले में शंभू बॉर्डर के निकट रेलवे ट्रैक को उड़ाने की एक बड़ी आतंकवादी साजिश विफल हो गई है। प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह विस्फोट सोमवार रात को मालगाड़ियों के लिए बनाए गए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर हुआ, जिसमें एक संदिग्ध आतंकवादी की मौके पर ही मौत हो गई।


जर्मनी में रह रहे जसविंदर मुल्तानी ने इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार की है। पुलिस ने मंगलवार को जानकारी दी कि पटियाला के शंभू क्षेत्र में एक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा धमाका हुआ था, जो ट्रैक को उड़ाने की एक असफल कोशिश थी।


फ्रेट कॉरिडोर पर दूसरा धमाका

पिछले तीन महीनों में फ्रेट कॉरिडोर पर यह दूसरा धमाका है, जिससे यह संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस मामले की जांच कर सकती है। पटियाला के SSP वरुण शर्मा ने बताया कि सोमवार रात को जो व्यक्ति धमाका करने की कोशिश कर रहा था, उसकी इस प्रयास में मौत हो गई।


संदिग्ध की पहचान

पुलिस ने मारे गए संदिग्ध की पहचान तरन तारन जिले के पंजवार गांव के निवासी जगरूप सिंह के रूप में की है। स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी ने बताया कि CCTV फुटेज में संदिग्ध को अमृतसर में अपनी मोटरसाइकिल पार्क करते हुए देखा गया है।


धमाके का स्थान

यह धमाका शंभू-अंबाला रेल ट्रैक के एक हिस्से पर हुआ। पुलिस ने पहले बताया था कि मौके से एक अज्ञात शव बरामद किया गया था, जो धमाके से चिथड़े-चिथड़े हो गया था; शव के टुकड़े रेल ट्रैक के उस हिस्से पर बिखरे हुए मिले थे।


शुरुआत में इसे कम तीव्रता वाला धमाका माना गया था, लेकिन जांच से पता चला कि यह ट्रैक को उड़ाने की एक असफल कोशिश थी। पुलिस ने बताया कि यह धमाका सोमवार रात को बोथोनिया गांव के पास, मालगाड़ियों के लिए बनाए गए डेडिकेटेड रेल ट्रैक पर हुआ था। इस धमाके से ट्रैक को भी कुछ नुकसान पहुंचा, और रेलवे लाइन के नीचे एक छोटा सा गड्ढा बन गया।