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पटियाला पेग: एक ऐतिहासिक पेय का सफर

पटियाला पेग, जो कि पंजाबी शादियों में एक प्रमुख पेय है, का नाम महाराज भूपिंदर सिंह से जुड़ा हुआ है। जानें कि कैसे यह पेग क्रिकेट मैचों में अंग्रेजों को हराने के लिए बनाया गया था। इस पेय की विशेषताएँ और इसके पीछे की दिलचस्प कहानी को जानने के लिए पढ़ें।
 

पटियाला पेग का परिचय


शराब के शौकीनों के लिए यह जानकारी बेहद दिलचस्प है। कुछ लोग बियर पसंद करते हैं, जबकि अन्य व्हिस्की के दीवाने होते हैं। पटियाला पेग का नाम तो आपने सुना ही होगा, जो पंजाबी और बॉलीवुड गानों में अक्सर सुनाई देता है। पंजाब में होने वाली शादियों में, जो कई दिनों तक चलती हैं, पटियाला पेग का विशेष महत्व होता है। इन शादियों को 'द बिग फैट पंजाबी वेडिंग' के नाम से भी जाना जाता है।


पटियाला पेग का नामकरण

आपने कभी सोचा है कि इसे 'पटियाला पेग' क्यों कहा जाता है? यह नाम पटियाला राजघराने से जुड़ा हुआ है। यह महाराज भूपिंदर सिंह की देन है, जो पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिता थे। अमरिंदर सिंह ने अपनी पुस्तक में इस पेग के पीछे की कहानी का जिक्र किया है।


महाराज भूपिंदर सिंह क्रिकेट के शौकीन थे और अक्सर अंग्रेजों की टीम को हराने के लिए उन्हें पार्टी में बुलाते थे। इस पार्टी में वे जानबूझकर उन्हें बड़े पेग में व्हिस्की पिलाते थे, जिससे अंग्रेज भारी नशे में मैच खेलने आते थे।


अंग्रेजों की शिकायत

जब अंग्रेजों को इस चाल का पता चला, तो उन्होंने शिकायत की। वायसराय के राजनीतिक दूत को भेजा गया, लेकिन महाराज ने जवाब दिया कि पटियाला में पेग बड़े होते हैं। तभी से अधिक मात्रा वाले व्हिस्की के पेग को पटियाला पेग कहा जाने लगा। आमतौर पर, इस पेग में लगभग 120 मिलीलीटर व्हिस्की होती है, जो चार अंगुलियों के बराबर होती है।