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पटना में साइबर ठगी का भंडाफोड़: हाई-टेक जोड़ी गिरफ्तार

पटना में पुलिस ने एक हाई-टेक साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक 10वीं पास युवक और उसकी शिक्षित गर्लफ्रेंड शामिल हैं। ये लोग लोगों को सस्ते लोन का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से कई डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। गिरोह की कार्यप्रणाली में भ्रष्ट बैंक कर्मियों की मिलीभगत भी शामिल थी। एक युवक की सजगता ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।
 

साइबर अपराध का अनोखा मामला


पटना : बिहार की राजधानी पटना से एक चौंकाने वाला साइबर अपराध का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक हाई-टेक 'गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड' जोड़ी और उनके पूरे साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को सस्ते लोन का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। इस गिरोह का संचालन एक 10वीं पास युवक और उसकी शिक्षित गर्लफ्रेंड द्वारा किया जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से कई डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं।


गिरोह का खुलासा

‘हसीना का दिमाग और आशिक का नेटवर्क’
पटना के साइबर डीएसपी नीतिश चंद्र धारिया ने इस जोड़ी के कारनामों का खुलासा किया। उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में एक बड़ा साइबर फ्रॉड नेटवर्क सक्रिय है।


पुलिस ने जकरियापुर इलाके में छापेमारी की और मुख्य आरोपी संजय कुमार और उसके साथी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। संजय, जो नालंदा का निवासी है, 10वीं पास है लेकिन अपनी गर्लफ्रेंड के निर्देश पर पूरे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का संचालन कर रहा था। वहीं, उसका साथी अभिषेक नवादा का निवासी है।


गिरोह की कार्यप्रणाली

बैंक कर्मियों से मिलीभगत और ‘जीरो बैलेंस’ अकाउंट का खेल
डीएसपी ने बताया कि ये लोग जरूरतमंद लोगों को आसान किस्तों पर आकर्षक लोन का लालच देते थे। जब कोई इनके जाल में फंस जाता था, तो ये कुछ भ्रष्ट बैंक कर्मियों की मदद से उसके नाम पर 'जीरो बैलेंस' का बैंक खाता खुलवा लेते थे।


खाता खुलने के बाद, एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक ये लोग अपने पास रख लेते थे और ठगी गई रकम को सीधे उन्हीं खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।


एक गलती ने खोली पोल

66 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन और एक गलती ने खोल दी पोल
इस गिरोह का काम सही चल रहा था, लेकिन एक शिकार ने उनकी योजना को नाकाम कर दिया। शातिरों ने आदित्य कुमार नाम के युवक को लोन दिलाने का झांसा दिया और उसके खाते में 66 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।


जैसे ही आदित्य को पैसे जमा होने का मैसेज मिला, उसने तुरंत पटना साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। उसकी सजगता ने पुलिस को इस गिरोह तक पहुंचा दिया।


गिरोह का साम्राज्य

डेढ़ साल में उड़ाए करोड़, दूसरे राज्यों में भी फैला है नेटवर्क
पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 स्मार्टफोन, 11 एक्टिव एटीएम कार्ड और दो चेकबुक बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की है।


डीएसपी ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस अब इस मामले में शामिल बैंक कर्मियों की पहचान कर रही है।