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पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का मामला

बिहार के पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच एक गंभीर झड़प हुई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के कारण हुई। भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पथराव की घटनाएं भी हुईं। इस विवाद में बिहार के मंत्री नितिन नवीन और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपनी-अपनी बातें रखीं। जानें इस राजनीतिक संघर्ष के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

पटना में राजनीतिक तनाव बढ़ा

बिहार के पटना में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के चलते शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। यह घटना पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने भाजपा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई, जिसमें पथराव की भी सूचना मिली। भाजपा नेता और बिहार के मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि जनता कांग्रेस को उचित जवाब देगी।


 


नवीन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार का हर नागरिक अपनी मां के अपमान का बदला लेने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि हम इस मामले में जवाबी कार्रवाई करेंगे। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता आशुतोष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह झड़प सरकार की मिलीभगत से हुई है। उन्होंने कहा कि हम इसका जवाब देंगे और नीतीश कुमार की नीतियों की आलोचना की।


इससे पहले, दरभंगा पुलिस ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया।


 


पटना में हुई इस झड़प पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा का यही काम रह गया है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई मतदाताओं के अधिकारों के लिए है और हम किसी भी स्थिति में यह नहीं स्वीकार करेंगे कि गुजरात से लाकर बिहार में मतदाताओं का पंजीकरण किया जा रहा है। चुनाव आयोग और सरकार पक्षपाती तरीके से काम कर रही है।


 


यह घटना एक वीडियो के बाद हुई जिसमें आरोपी को इंडिया ब्लॉक के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाया गया है। भाजपा नेताओं ने इस वीडियो को लेकर विपक्ष की 'मतदाता अधिकार यात्रा' की आलोचना की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां 140 करोड़ भारतीयों का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अब दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है।