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पटना पुलिस की शर्मनाक स्थिति: अपराधियों के सामने खुद की तलाशी देने पर मजबूर

पटना में पुलिस की एक टीम को एक गैंगस्टर के घर पर छापेमारी के दौरान खुद की तलाशी देने की शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। नाबालिग जैसे दिखने वाले एक लड़के ने पुलिसकर्मियों की गेट पर तलाशी ली, जिससे पुलिस की गरिमा को धक्का लगा। इस घटना के बाद पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थानेदारों को निलंबित कर दिया। जानें इस पूरी घटना का विवरण और इसके पीछे की कहानी।
 

पटना में पुलिस की बेबसी का मामला

पटना: हाल ही में पटना पुलिस को एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उन्हें खुद ही तलाशी देनी पड़ी। एक नाबालिग जैसे दिखने वाले लड़के ने पुलिसकर्मियों की गेट पर तलाशी ली। वर्दी में सजे जवान पुलिसकर्मी अपनी कमर की तलाशी देते रहे, जबकि उनके कंधों पर एके-47 जैसी दिखने वाली राइफलें लटक रही थीं। यह घटना तब हुई जब पुलिस की दो टीमें एक गैंगस्टर के घर पर छापेमारी करने गई थीं।


लड़के ने ली दारोगा की तलाशी, खाकी की ऐसी बेबसी कभी नहीं देखी होगी


तलाशी के बाद, नाबालिग ने पुलिसकर्मियों को दरवाजे के भीतर ले जाने का निर्देश दिया। इस दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि जो लोग चेक नहीं हुए हैं, वे अंदर नहीं जा सकते। लगभग दो दर्जन पुलिसकर्मी सहमे हुए नजर आ रहे थे, और इस घटना का वीडियो भी बनाया जा रहा था। यह सब कुछ पटना से 70-75 किलोमीटर दूर बाढ़ जिले में हुआ।


पुलिस की इस शर्मनाक स्थिति का कारण क्या था?
बाढ़ अनुमंडल के पंचमहला थाना क्षेत्र में एक अपराधी के घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस का व्यवहार खाकी की गरिमा को धूमिल कर गया। एक वीडियो में पुलिसकर्मी अपराधियों के परिवार के सामने कतार में खड़े होकर अपनी तलाशी देते हुए दिखाई दिए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने पंचमहला और हाथीदह के थाना अध्यक्षों को तुरंत निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए।


यह घटना 23 मई 2026 की शाम को शुरू हुई, जब एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटना के बाद पंचमहला थाने में मामला दर्ज किया गया।


पुलिस ने गोलीबारी के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन जब वे कुख्यात अपराधियों सोनू और मोनू के घर पहुंचे, तो दोनों फरार मिले। इस दौरान घर पर मौजूद महिलाओं और परिजनों ने पुलिस की चेकिंग की और इसका वीडियो भी बनाया।


वीडियो में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठते हैं, जिसने पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है। थानेदार ने लाइन में लगकर अपनी तलाशी दी। एक महिला ने सोनू के भाई से थानेदार की फोन पर बात कराई। पुलिस टीम ने वहां मौजूद परिजनों के सामने कतार में खड़ी होकर चेकिंग कराई।


पटना SSP ने दोनों थानेदारों को निलंबित किया
मामले की जानकारी मिलते ही पटना SSP ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी वांछित अपराधी के घर पर पुलिसकर्मियों द्वारा खुद की तलाशी देना और अपराधी से फोन पर बात करना अनुशासनहीनता है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों थानेदारों को निलंबित कर दिया गया है।


वीडियो में दिख रहे दोनों थाना इंचार्ज युवा हैं। उनकी पुलिस ट्रेनिंग में अपनी रक्षा की बात बताई गई होगी, लेकिन आरोपी के दरवाजे पर लाइन में लगकर तलाशी देने की बात नहीं सिखाई गई होगी। अगर उन्हें इतना डर था, तो उन्हें अपने सीनियर अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। पूरे देश में पुलिस चाहे जितनी बदनाम हो, लेकिन कई लोग इस वर्दी को उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। इन दो थानेदारों के फैसले से बिहार ही नहीं, देश के करोड़ों वर्दी वालों का मनोबल टूट गया है।