पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए नई वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की
पंजाब सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'मुख्यमंत्री महिला-ध्यान सत्कार योजना' की घोषणा की है, जिसके तहत 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इस योजना का लाभ राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा। हालांकि, कुछ वर्गों को इस योजना से बाहर रखा गया है। विपक्ष ने इस योजना के समय पर सवाल उठाए हैं, जबकि वित्त मंत्री ने इसे महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। जानें इस योजना के बारे में और क्या है विपक्ष की प्रतिक्रिया।
Mar 8, 2026, 17:23 IST
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना का शुभारंभ
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक महत्वपूर्ण चुनावी वादा पूरा किया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2026-27 के बजट में 'मुख्यमंत्री महिला-ध्यान सत्कार योजना' की घोषणा की। इस योजना के तहत, राज्य की 18 वर्ष से अधिक उम्र की लगभग सभी महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस योजना का लाभ राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा।
लाभार्थियों की पहचान
इस योजना की एक विशेषता यह है कि जो महिलाएं पहले से बुढ़ापा, विधवा या विकलांगता पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। अनुसूचित जाति की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, सरकारी कर्मचारी (वर्तमान या पूर्व), आयकर देने वाले परिवार और वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे। वित्त मंत्री ने इसे दुनिया की पहली 'यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर' योजना बताया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
सरकारी वित्त पर प्रभाव
पंजाब में 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या लगभग 1 करोड़ है। इस योजना को लागू करने पर सरकार को हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। विपक्ष ने इस योजना के समय पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार पिछले चार वर्षों से इस वादे को टाल रही थी, इसलिए अब उन्हें पिछले 48 महीनों का बकाया (48,000 रुपये) हर महिला को देना चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस की महिला विंग ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
अन्य राज्यों की योजनाओं की तुलना
विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने अन्य राज्यों की समान योजनाओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में आय की सीमा (जैसे 1 लाख रुपये सालाना) होने के कारण केवल 20 प्रतिशत महिलाओं को ही लाभ मिल पाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान केवल कुछ प्रतिशत नहीं, बल्कि पंजाब की सभी महिलाओं के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए यह योजना बिना किसी भेदभाव के लागू की जा रही है ताकि महिलाएं अपनी सेहत और शिक्षा पर निवेश कर सकें।