पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पारित, मुख्यमंत्री ने AAP की मजबूती पर जताया विश्वास
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह कदम तब उठाया गया जब आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी की मजबूती पर जोर दिया और अफवाहों को खारिज किया कि AAP समाप्त होने वाली है। पंजाब विधानसभा में AAP के पास 94 विधायक हैं, जो पार्टी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, मान ने सदन में अपना बहुमत साबित कर विरोधियों को जवाब दिया है।
May 1, 2026, 19:02 IST
पंजाब सरकार का विश्वास प्रस्ताव
भगवंत मान की सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में एक विश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। यह कदम तब उठाया गया जब हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए थे। इस प्रस्ताव के माध्यम से सरकार ने यह दर्शाया कि पंजाब के विधायक अपनी पार्टी और मुख्यमंत्री पर पूर्ण विश्वास रखते हैं।
मुख्यमंत्री का बयान: AAP का भविष्य उज्ज्वल
विशेष सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर रही है। उन्होंने उन अफवाहों को खारिज किया जो यह कहती थीं कि पार्टी समाप्त होने वाली है या विधायक अन्य दलों में चले जाएंगे। मान ने स्पष्ट किया कि ऐसी बातें केवल जनता में भ्रम फैलाने के लिए की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर से लेकर गोवा तक पार्टी का विस्तार हो रहा है और देश के विभिन्न हिस्सों में उनके विधायक, मेयर और पार्षद सक्रिय हैं।
पंजाब विधानसभा में AAP का बहुमत
पंजाब की 117 सीटों वाली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के पास एक मजबूत बहुमत है। सदन में आप के 94 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 16, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के तीन, भाजपा के दो, बसपा का एक और एक निर्दलीय विधायक है। इस सत्र के लिए पार्टी ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी कर उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।
सात सांसदों का भाजपा में जाना
हाल ही में 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा, जब उसके 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 ने भाजपा का दामन थाम लिया। इनमें राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालिवाल और संदीप पाठक जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। राज्यसभा के सभापति ने भी इस बदलाव को मंजूरी दी, जिसके बाद आम आदमी पार्टी के पास अब केवल 3 सांसद रह गए हैं। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में अपना बहुमत साबित कर विरोधियों को जवाब दिया है।