पंजाब में मतदाता सूची के पुनरीक्षण में मिली बड़ी सफलता
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति
पंजाब में मतदाता सूची को सुधारने और मजबूत बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस अभियान के पहले 16 दिनों में एक करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया गया है। यह जानकारी पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने शनिवार को साझा की।
सीईओ ने बताया कि सभी मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए अब तक 99.34 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन प्रपत्रों का समय पर संग्रह और डिजिटलीकरण करना, एक सटीक मतदाता सूची बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है।
अभियान को सफल बनाने में जुटे अधिकारियों की सराहना करते हुए सीईओ ने बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ), पर्यवेक्षकों, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों की मेहनत के कारण राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों और 24,453 मतदान केंद्रों पर प्रपत्रों का वितरण, संग्रह और डिजिटलीकरण समय पर पूरा हुआ है।
अभियान की गति को बढ़ाने और अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंजाब में 11 और 12 जुलाई को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक चलेंगे, जहां नागरिक इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
आगामी चुनावी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान केंद्रों को व्यवस्थित करने का कार्य 24 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद, तीन अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया जाएगा। नागरिक इस प्रारूप पर अपनी दावे और आपत्तियां तीन अगस्त से दो सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे, जिनका निपटारा तीन अगस्त से 28 सितंबर के बीच किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन एक अक्टूबर को होगा।