पंजाब में पुलिसकर्मी की साजिश का खुलासा, शिवसेना नेता को फंसाने का मामला
पंजाब में पुलिस विभाग की शर्मनाक घटना
पंजाब में एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) पर आरोप लगा है कि उसने शिवसेना (पंजाब) के नेता महंत कश्मीर गिरि को नशीले पदार्थों के झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की। यह घटना खन्ना में हुई, जहां एक गुप्त कैमरे में पुलिसकर्मी की गतिविधियाँ रिकॉर्ड हो गईं। वीडियो के सामने आने के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ASI सुखदेव सिंह को तुरंत निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
पुलिस ने शिवसेना नेता को तुरंत मुक्त किया
इस घटना के बाद, पुलिस ने महंत कश्मीर गिरि को मामले से तुरंत मुक्त करने का आदेश दिया। अब उन सभी पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जो इस छापेमारी और गिरफ्तारी में शामिल थे।
मामले की शुरुआत ड्राइवर की गिरफ्तारी से हुई
यह मामला तब शुरू हुआ जब शिवसेना (पंजाब) के नेता महंत कश्मीर गिरि के ड्राइवर गुरजंट सिंह उर्फ जंटा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से 7.5 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया।
सीसीटीवी फुटेज ने बदल दी कहानी
पुलिस पूछताछ के दौरान महंत कश्मीर गिरि का नाम सामने आया, जिसके आधार पर कार्रवाई की योजना बनाई गई। लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
गुप्त कैमरे में ASI की गतिविधियाँ कैद
घटना शनिवार दोपहर की है, जब CIA स्टाफ में तैनात ASI सुखदेव सिंह सादे कपड़ों में महंत कश्मीर गिरि के घर पहुंचे। उन्हें यह नहीं पता था कि कमरे में गुप्त कैमरा लगा हुआ है। कैमरे में ASI को कमरे में प्रवेश करते और बिस्तर के गद्दे के नीचे एक वस्तु रखते हुए रिकॉर्ड किया गया।
पुलिस की टीम ने की गिरफ्तारी
कुछ समय बाद, पुलिस की एक टीम वहां पहुंची, जिसमें सदर थाना प्रभारी विजयपाल सिंह और सिटी-2 थाना प्रभारी तरविंदर कुमार बेदी शामिल थे। पुलिस ने गद्दे के नीचे से 30 ग्राम हेरोइन मिलने का दावा किया और महंत कश्मीर गिरि को गिरफ्तार कर लिया।
SSP ने लिया त्वरित एक्शन
शनिवार शाम को गुप्त कैमरे की रिकॉर्डिंग वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आई। फुटेज की जांच के बाद ASI की भूमिका संदिग्ध पाई गई और कथित साजिश का खुलासा हुआ। खन्ना की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दर्पण अहलूवालिया ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महंत कश्मीर गिरि को मामले से मुक्त करने का निर्देश दिया। इसके बाद ASI सुखदेव सिंह को औपचारिक रूप से निलंबित कर दिया गया।
SP स्तर के अधिकारी करेंगे जांच
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT की कमान पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। जांच दल को घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने और इसमें शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल करने की जिम्मेदारी दी गई है।
जांच से खुलेंगे कई राज
गुप्त कैमरे की रिकॉर्डिंग सामने आने से पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। SIT की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस कथित साजिश में केवल एक पुलिसकर्मी शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।