पंजाब में ISI की नई साजिश: आतंकवादियों के निशाने पर आम जनता
पंजाब में स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले ISI की नई साजिश का खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने महंगे विस्फोटकों के साथ-साथ सस्ते पेट्रोल बमों का उपयोग करने की योजना का पता लगाया है। हालिया घटनाओं में भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके गए हैं, और ISI की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। जांच में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका भी सामने आई है। पंजाब पुलिस ने कई आतंकवादी मॉड्यूल ध्वस्त किए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है।
Jul 29, 2026, 12:19 IST
पंजाब में सुरक्षा खतरे की नई रिपोर्ट
स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले, पंजाब एक बार फिर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के निशाने पर है। हालिया खुफिया रिपोर्टों ने एक गंभीर साजिश का खुलासा किया है, जिसमें महंगे विस्फोटकों के साथ-साथ सस्ते पेट्रोल बमों का उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि 15 अगस्त के आसपास पंजाब में कई समन्वित हमलों की योजना बनाई गई है, जिसका उद्देश्य राज्य की कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को बाधित करना है।
पेट्रोल बमों का उपयोग और हालिया हमले
इस खतरे की गंभीरता का अंदाजा 25-26 जुलाई की रात हुई घटना से लगाया जा सकता है, जब संगरूर में भाजपा जिला कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गए। एक बोतल दीवार से टकराकर आग लगने का कारण बनी, जबकि दूसरी बाहर गिर गई। पंजाब पुलिस का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के निर्देश पर किया गया, जिसे ISI का प्रॉक्सी माना जाता है।
ISI की नई रणनीति
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के बाद ISI ने अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब वह केवल RDX से बने बमों तक सीमित नहीं है, बल्कि पेट्रोल बम और छोटे हथियारों के मिश्रण के जरिए कम लागत में अधिक दहशत फैलाने की नीति पर काम कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्क की भूमिका
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस अभियान में केवल पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ही नहीं, बल्कि जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय खालिस्तान समर्थक नेटवर्क भी शामिल हैं। विशेष रूप से बब्बर खालसा इंटरनेशनल को बड़े पैमाने पर हथियार उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। ISI अपने ऑपरेटिव्स को फर्जी खालिस्तान समर्थक संगठनों के नाम पर इस्तेमाल कर रही है, ताकि किसी भी हमले के बाद अपनी भूमिका से इंकार किया जा सके।
आतंकियों के नए निशाने
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों के निशाने अब पहले से कहीं अधिक व्यापक हो गए हैं। पहले जहां पुलिस और सुरक्षा बलों पर ध्यान केंद्रित था, वहीं अब आतंकियों की सूची में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, राजनीतिक दलों के नेता, रेलवे नेटवर्क और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई ने ISI की कई योजनाओं को विफल कर दिया है। 2026 में पंजाब पुलिस ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर 10 आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त किए हैं और 137 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हालिया अभियानों की सफलता
हालिया अभियानों में कई बड़े षड्यंत्रों को विफल किया गया है। 26 जुलाई को ISI प्रायोजित BKI मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से उच्च क्षमता वाला IED बरामद हुआ।
शहजाद भट्टी की भूमिका
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, शहजाद भट्टी का मौजूदा मॉडल बेहद खतरनाक है। इसमें सुरक्षा बलों पर लक्षित हमले, पुलिस प्रतिष्ठानों और राजनीतिक नेताओं पर हमले शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियां
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पंजाब पुलिस का कहना है कि वह आतंकवादी नेटवर्क और संगठित अपराध के गठजोड़ को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया है।