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पंजाब में ED की छापेमारी से राजनीतिक हलचल, मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर कार्रवाई

पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा भूचाल आया जब प्रवर्तन निदेशालय ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की। ED की यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई, जिसमें चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में कई स्थानों पर जांच की गई। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। इस कार्रवाई के चलते राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और संभावित गिरफ्तारी की स्थिति के बारे में।
 

पंजाब में ED की छापेमारी

चंडीगढ़: पंजाब की राजनीतिक स्थिति में शुक्रवार को एक बड़ा बदलाव आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह लगभग 7 बजे, ED अधिकारियों का एक काफिला सेक्टर 2 में स्थित सरकारी कोठी पर पहुंचा। अधिकारियों के साथ 20 गाड़ियों का एक बड़ा काफिला और सुरक्षा बल भी तैनात किया गया। CIA और स्पेशल फोर्स के लगभग तीन दर्जन जवानों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया। जानकारी के अनुसार, सुबह 7:25 बजे औपचारिक रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की जा रही है। ED चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में संजीव अरोड़ा और उनके सहयोगियों के चार ठिकानों पर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में शुरू हुई एक बड़ी जांच का विस्तार है, जिसमें बिल्डर अजय सहगल, मोहिंदर सिंह और अन्य व्यवसायियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी.


मोहाली में ED की कार्रवाई

इस कार्रवाई के साथ ही पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर की 9वीं मंजिल पर चल रही ED की रेड भी शुक्रवार रात समाप्त हुई। यह सर्च ऑपरेशन लगभग 40 घंटे तक चला। कारोबारी नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह ढींढसा के घरों और दफ्तरों पर लगातार जांच चलती रही। सूत्रों के अनुसार, प्रीतपाल सिंह ढींढसा के घर से ED की टीम रात करीब 11 बजे बाहर निकली, जबकि नितिन गोहल के ठिकाने पर कार्रवाई आधी रात 12:30 से 1 बजे के बीच समाप्त हुई। हालांकि, अधिकारियों ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि ED अधिकारी कई बैग और दस्तावेज लेकर बाहर आए। अभी तक एजेंसी ने बरामदगी या गिरफ्तारी के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जिससे पूरे मामले में सस्पेंस बढ़ गया है.


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध का नाम दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि संजीव अरोड़ा के घर पर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ED पहुंची है, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने लिखा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की भूमि है, जिसे कोई ताकत झुका नहीं सकती। मान ने आरोप लगाया कि ED और BJP मिलकर विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में और गर्मी आ गई है.


जांच का दायरा

सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले पंजाब और दिल्ली-NCR में बिल्डर और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ ED ने बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। उसी जांच के तार अब संजीव अरोड़ा और उनके करीबियों तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग, संदिग्ध लेनदेन और कंपनियों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है, लेकिन लगातार बढ़ती छापेमारी से यह स्पष्ट है कि जांच का दायरा बड़ा हो चुका है.


सुरक्षा व्यवस्था

ED की रेड के दौरान चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। मंत्री आवास के आसपास आम लोगों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया था। सुबह से लेकर देर शाम तक मीडिया और स्थानीय लोगों की भीड़ बाहर जमा रही। अधिकारियों ने किसी को भी परिसर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई.


भविष्य की संभावनाएँ

फिलहाल ED ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि एजेंसी वित्तीय दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो आने वाले दिनों में पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पंजाब की राजनीति में इस कार्रवाई को आने वाले समय के बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है.