पंजाब में ED की छापेमारी से राजनीतिक हलचल, मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर कार्रवाई
पंजाब में ED की छापेमारी
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीतिक स्थिति में शुक्रवार को एक बड़ा बदलाव आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह लगभग 7 बजे, ED अधिकारियों का एक बड़ा काफिला सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी पर पहुंचा। इस दौरान करीब 20 गाड़ियों के साथ भारी सुरक्षा बल भी तैनात किया गया।
CIA और स्पेशल फोर्स के लगभग तीन दर्जन जवानों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया। जानकारी के अनुसार, सुबह 7:25 बजे औपचारिक रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की जा रही है, जिसमें चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में संजीव अरोड़ा और उनके सहयोगियों के चार ठिकानों पर जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़ी जांच का विस्तार है, जो दो दिन पहले शुरू हुई थी, जिसमें बिल्डर अजय सहगल, मोहिंदर सिंह और अन्य कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी।
इस कार्रवाई के साथ ही पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर की 9वीं मंजिल पर चल रही ED रेड भी शुक्रवार देर रात समाप्त हुई। यह सर्च ऑपरेशन लगभग 40 घंटे तक चला। कारोबारी नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह ढींढसा के घरों और दफ्तरों पर लगातार जांच चलती रही।
हालांकि, अधिकारियों ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि ED अधिकारी कई बैग और दस्तावेज लेकर बाहर निकले। अभी तक एजेंसी ने बरामदगी या गिरफ्तारी के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे पूरे मामले में सस्पेंस बना हुआ है।
पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि संजीव अरोड़ा के घर ED की यह तीसरी बार छापेमारी है, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि ED और BJP मिलकर विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में और गर्मी आ गई है।
सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले पंजाब और दिल्ली-NCR में बिल्डर और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ ED ने बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। अब यह जांच संजीव अरोड़ा और उनके करीबियों तक पहुंचती दिखाई दे रही है।
जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग, संदिग्ध लेनदेन और कंपनियों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है, लेकिन लगातार बढ़ती छापेमारी से यह स्पष्ट है कि जांच का दायरा बड़ा हो चुका है।
ED रेड के दौरान चंडीगढ़ के सेक्टर 2 इलाके में सुरक्षा बेहद कड़ी रही। मंत्री आवास के आसपास आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया था।
फिलहाल ED ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।