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पंजाब निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत

पंजाब में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 48 प्रतिशत से अधिक वार्डों में जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस जीत को जनता के विकास कार्यों के समर्थन के रूप में देखा है। हालांकि, इतिहास के अनुसार, निकाय चुनावों में जीतने वाली पार्टी के लिए यह हमेशा शुभ संकेत नहीं रहा है। जानें कैसे AAP ने विपक्ष की नफरत की राजनीति को परास्त किया और क्या यह विधानसभा चुनावों में उनकी स्थिति को मजबूत करेगा।
 

पंजाब में निकाय चुनावों में AAP की सफलता

पंजाब में विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने निकाय चुनावों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। AAP ने 48 प्रतिशत से अधिक वार्डों में जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जनता ने सत्ताधारी पार्टी की विकासात्मक नीतियों का समर्थन किया और विपक्ष की नफरत की राजनीति को नकार दिया। पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, AAP ने कुल 1,977 वार्डों में से 958 में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने 397 वार्डों में जीत दर्ज की। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने 191 वार्डों में जीत हासिल की, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 172 वार्डों में सफलता पाई। इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 251 वार्डों में जीत दर्ज की।


इतिहास की परछाई

इन निकाय चुनावों को विधानसभा चुनावों से पहले एक सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, इतिहास पर नजर डालें तो निकाय चुनावों में जीतने वाली पार्टी के लिए यह हमेशा शुभ संकेत नहीं रहा है। 2015 में, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी ने मिलकर 1,420 वार्डों में जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस को केवल 356 सीटें मिली थीं। एक साल बाद, कांग्रेस ने 117 में से 77 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की, जबकि बीजेपी-शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन केवल 18 सीटों पर सिमट गया।


इसी तरह, 2021 में भी नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस ने 1,516 सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन एक महीने बाद हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 92 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया।


बीएसपी की भी जीत

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी सात वार्डों में जीत हासिल की। अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जनता ने 'आप' सरकार के विकास कार्यों पर अपनी मुहर लगाई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने विपक्ष की नफरत की राजनीति को हराया है।


मान ने कहा, "जनता ने विभाजनकारी राजनीति करने वाली पार्टियों को नकार दिया है।" इससे पहले, विपक्षी दलों ने 'आप' सरकार पर चुनावों के दौरान सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। इन निकाय चुनावों को सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में अपनी सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है।