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पंचायती राज मंत्रियों की कार्यशाला में वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर चर्चा

जयपुर में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में पंचायती राज मंत्रियों ने 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर चर्चा की। मंत्री श्री मदन दिलावर ने राज्य सरकार की योजनाओं और वित्तीय विकेंद्रीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के मंत्रियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान हुआ। जानें इस कार्यशाला के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

जयपुर में पंचायती राज मंत्रियों की राष्ट्रीय कार्यशाला


जयपुर, 3 जुलाई। नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुक्रवार को आयोजित "16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों की राष्ट्रीय कार्यशाला" में पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने राज्य सरकार का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।


श्री दिलावर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास को गति देने और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय विकेंद्रीकरण आवश्यक है।


उन्होंने आगे कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं का प्रभावी कार्यान्वयन ग्रामीण स्थानीय निकायों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राजस्थान सरकार इन अनुशंसाओं के कार्यान्वयन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


श्री दिलावर ने यह भी कहा कि सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने में इस प्रकार की राष्ट्रीय कार्यशालाएं महत्वपूर्ण होती हैं। राज्यों के बीच अनुभवों, नवाचारों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में सहायक होगा।


कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायती राज मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के विशेषज्ञों ने भाग लिया और 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी कार्यान्वयन सहित कई विषयों पर चर्चा की।