नोएडा में वायु गुणवत्ता की स्थिति का आकलन: निरीक्षण अभियान की रिपोर्ट
नोएडा में वायु गुणवत्ता प्रबंधन का निरीक्षण
6 जनवरी को, एनसीआर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने नोएडा में एक निरीक्षण अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नोएडा प्राधिकरण द्वारा अनियंत्रित सड़कों की सफाई, मशीनों द्वारा सफाई और समग्र रखरखाव की स्थिति का मूल्यांकन करना था।
आयोग ने बताया कि यह निरीक्षण 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत किया गया, जिसका लक्ष्य धूल नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन का मूल्यांकन करना और सड़कों पर धूल, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू), निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट, और खुले में कचरा जलाने से संबंधित समस्याओं की पहचान करना था।
निरीक्षण दल और उनके निष्कर्ष
इस निरीक्षण के लिए, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और सीएक्यूएम फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारियों सहित कुल 10 निरीक्षण दल तैनात किए गए। इन दलों ने नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले 142 सड़क खंडों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, भौगोलिक रूप से टैग किए गए और समय-मुहर लगे फोटोग्राफिक साक्ष्य एकत्र किए गए, जो आयोग को प्रस्तुत किए गए। निष्कर्षों ने उत्साहजनक स्थिति को दर्शाया, जिसमें केवल 4 खंडों में उच्च धूल स्तर पाया गया, जबकि 24 खंडों में मध्यम, 66 खंडों में कम धूल और 48 खंडों में धूल का कोई निशान नहीं मिला।
धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम
उच्च धूल वाले कुछ खंडों में, नगरपालिका अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) और निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के संचय से संबंधित मुद्दे पाए गए, विशेषकर फ्लाईओवर के नीचे और मेट्रो गलियारों में। ये अवलोकन धूल और अपशिष्ट के पुन: संचय को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता को उजागर करते हैं।
आयोग ने नियमित यांत्रिक सफाई, एकत्रित धूल और अपशिष्ट का शीघ्र संग्रहण, प्रभावी जल छिड़काव, और खुले में जलाने की रोकथाम पर जोर दिया है, विशेषकर संवेदनशील स्थानों पर।