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नोएडा में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला, पुलिस जांच में जुटी

नोएडा में एक नई ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए हैं। आरोपियों ने एक अवैध योजना के तहत लोगों को आकर्षित किया और बाद में उनका पैसा वापस नहीं किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई और बचत इस योजना में लगाई थी। अब उनकी स्थिति गंभीर है, और पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत है। यह मामला एक बार फिर से यह दर्शाता है कि अत्यधिक मुनाफे का वादा करने वाली योजनाएं अक्सर धोखाधड़ी का कारण बनती हैं।
 

नोएडा में ठगी का नया मामला


नोएडा में एक बार फिर से निवेश के नाम पर एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है। Momentum Catalyst Service और My Trade नामक एक कथित अवैध निवेश योजना के तहत लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए हैं। इस घोटाले में कई लोग शामिल हो गए हैं और पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। शिकायतकर्ता राजत ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने ट्रेडिंग और निवेश का लालच देकर लोगों को फंसाया। उन्होंने लोगों से बड़ी रकम जमा करवाई, लेकिन बाद में उनका पैसा वापस नहीं किया। इस शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर 142 की पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.


आरोपियों की पहचान

शिकायत में मुख्य रूप से नूर मोहम्मद बिलाल, अब्दुल रहमान, अनस मोहम्मद और शाहवेज पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा और भी कई लोग इस घोटाले में शामिल बताए जा रहे हैं।


घोटाले की पूरी कहानी

पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने MCS Consultancy Services Pvt. Ltd. नाम की कंपनी बनाकर पोंजी स्कीम और मल्टी लेवल मार्केटिंग का नेटवर्क चलाया। उन्होंने खुद को बड़े और पेशेवर ट्रेडर के रूप में प्रस्तुत किया। लोगों को आकर्षित करने के लिए उन्होंने हर महीने 6 से 15 प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया। इस झांसे में फंसाने के लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, जैसे NISM सर्टिफिकेट और अन्य जाली प्रमाण-पत्र। आरोपियों ने नोएडा के भूटानी अल्फाथम और डीएलएफ मॉल में कई मीटिंग्स आयोजित कीं, जहां उन्होंने शानदार प्रेजेंटेशन देकर लोगों को विश्वास दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और अच्छा मुनाफा मिलेगा। शुरुआत में कुछ लोगों को छोटे-मोटे मुनाफे का भुगतान किया गया, ताकि बाकी लोगों का विश्वास जीता जा सके। जब लोग और अधिक निवेश करने लगे, तब आरोपियों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि 'सिस्टम अपग्रेड हो रहा है', 'तकनीकी समस्या आ गई है', 'मार्केट में उतार-चढ़ाव है' आदि। इन बहानों के बाद उन्होंने पैसे देना पूरी तरह बंद कर दिया।


पीड़ितों की स्थिति

राजत और शिवम ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उनसे कुल 56 लाख रुपये की ठगी की है। दोनों ने अपनी मेहनत की कमाई, परिवार की बचत और यहां तक कि कर्ज लेकर भी यह पैसा निवेश किया था। अब उनके पास न तो पैसा बचा है और न ही कोई उम्मीद नजर आ रही है। पीड़ितों का अनुमान है कि इस नेटवर्क के जरिए सैकड़ों-हजारों लोगों से पैसा लिया गया है। कुल ठगी की रकम 200 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है.


धमकियों का सामना

पीड़ितों ने यह भी शिकायत की है कि जब वे अपना पैसा वापस मांगते हैं तो आरोपियों के लोग उन्हें धमकियां देते हैं। कई निवेशक डर के कारण चुपचाप बैठे हैं और पुलिस के पास आने से भी हिचकिचा रहे हैं।


पुलिस की कार्रवाई

सेक्टर 142 की पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीम इस समय पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है। जांच के दौरान सभी निवेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों का पूरा लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। साथ ही अन्य पीड़ितों से अपील की गई है कि अगर वे भी इस योजना में फंसे हैं तो तुरंत थाने में आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह मामला एक बार फिर यह स्पष्ट करता है कि अत्यधिक मुनाफे का वादा करने वाली योजनाएं अक्सर ठगी का जाल होती हैं। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि किसी भी प्रकार के निवेश से पहले SEBI द्वारा रजिस्टर्ड कंपनी की पूरी जांच कर लें और बिना उचित जानकारी के कभी भी अपना पैसा न लगाएं।