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नोएडा में ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए पांच प्रमुख सड़क परियोजनाएं

नोएडा में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए प्राधिकरण ने पांच महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की योजना बनाई है। इनमें एलिवेटेड रोड्स और नए कॉरिडोर शामिल हैं, जो शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा में आसानी होगी, बल्कि समय और ईंधन की भी बचत होगी। जानें इन योजनाओं के बारे में विस्तार से और कैसे ये नोएडा की यातायात व्यवस्था को बदलने में मदद करेंगी।
 

नोएडा में सड़क नेटवर्क का विकास

नोएडा और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ट्रैफिक की बढ़ती समस्या को कम करने के लिए, नोएडा प्राधिकरण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने में जुटा है। शहर में पांच महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं हैं, जो भविष्य में नोएडा की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बदल सकती हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से नोएडा को दिल्ली, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद से बेहतर तरीके से जोड़ा जा रहा है। इनमें नोएडा एलिवेटेड रोड, भंगेल एलिवेटेड रोड, चिल्ला एलिवेटेड रोड, रजनीगंधा से सेक्टर 60 एलिवेटेड रोड और महामाया से यमुना पुस्ता कॉरिडोर शामिल हैं.


पहला एलिवेटेड रोड

नोएडा का पहला एलिवेटेड रोड शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला है। यह लगभग 6 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर रजनीगंधा चौक से शुरू होकर सेक्टर 61 तक फैला हुआ है। इसे 6 लेनों में तैयार किया गया है, जिससे शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम हो सके। इसके निर्माण के बाद, सेक्टर 18, 25, 31, 52 और 61 जैसे क्षेत्रों में यात्रा करना आसान हो गया है। इस सड़क के माध्यम से गाजियाबाद और NH24 की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी लाभ मिल रहा है.


भंगेल एलिवेटेड रोड

दादरी सूरजपुरछालेरा रोड पर बनने वाला भंगेल एलिवेटेड रोड नोएडा के प्रमुख प्रोजेक्ट में से एक है। यह लगभग 4.2 किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण पर लगभग 608 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका निर्माण कार्य 2020 में शुरू हुआ था। यह रोड अगापुर से भंगेल होते हुए NSEZ तक पहुंचता है। इसके चालू होने के बाद, भंगेल बाजार और DSC रोड पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिली है।


चिल्ला एलिवेटेड रोड

नोएडा में बन रहा चिल्ला एलिवेटेड रोड एनसीआर की प्रमुख कनेक्टिविटी योजनाओं में से एक है। यह 6 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई लगभग 5.9 किलोमीटर है और इसकी लागत लगभग 893 करोड़ रुपये है। इसके पूरा होने के बाद, दिल्ली के मयूर विहार से आने वाले वाहन सीधे नोएडा एक्सप्रेसवे की ओर बढ़ सकेंगे।


डीएनडी से सेक्टर 62 तक का मार्ग

नोएडा में भविष्य के ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह रजनीगंधा चौक से सेक्टर 57/60 तक बनेगा। इसकी लंबाई लगभग 5.4 किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 700 करोड़ रुपये है। इससे डीएनडी से आने वाले वाहन बिना शहर के अंदर जाम में फंसे सेक्टर 57, 60, 62 और इलेक्ट्रॉनिक सिटी की ओर जा सकेंगे.


महामाया फ्लाईओवर से यमुना पुस्ता कॉरिडोर

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए, महामाया फ्लाईओवर से यमुना पुस्ता की ओर एक नया कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह रोड एक्सप्रेसवे और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, जिससे महामाया फ्लाईओवर और उसके आसपास के जाम में कमी आएगी.


नोएडा को जाम मुक्त बनाने की दिशा में कदम

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के अनुसार, शहर की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सड़क ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली एनसीआर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और लोगों को जाम से राहत प्रदान करना है। आने वाले वर्षों में, इन परियोजनाओं से लाखों लोगों का सफर आसान होगा और समय की बचत होगी.