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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर महंगे किराए का खतरा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, अब महंगी उड़ानों की आशंका के कारण चर्चा में है। एयरलाइंस कंपनियों और यात्रियों की चिंताओं के बीच, पार्किंग फीस और यूजर डेवलपमेंट फीस में भारी अंतर सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट की पार्किंग फीस दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में दोगुनी है, जिससे यात्रियों को अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। एयरलाइंस कंपनियों ने भी इस पर चिंता जताई है। 15 जून से घरेलू उड़ानें शुरू होने जा रही हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यात्रियों को इंतजार करना होगा।
 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई चुनौतियाँ

उत्तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, अब एक नई बहस का केंद्र बन गया है। यह एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर के निवासियों के लिए एक सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जा रहा था, लेकिन अब महंगी उड़ानों की आशंका बढ़ गई है। एयरलाइंस कंपनियों और यात्रियों की चिंताओं के बीच रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिनमें जेवर एयरपोर्ट की पार्किंग फीस और अन्य शुल्क दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तुलना में अधिक बताए गए हैं.



इस स्थिति के कारण अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यात्री महंगे किराए के बावजूद जेवर एयरपोर्ट का उपयोग करेंगे या वे दिल्ली एयरपोर्ट को प्राथमिकता देंगे। जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने हाल ही में एक वीडियो में बताया कि नोएडा से लखनऊ का किराया 5000 रुपये से अधिक है, जबकि दिल्ली से लखनऊ का किराया 3000 से 4000 रुपये के बीच है.


पार्किंग फीस में भारी अंतर

जानकारी के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयरबस A321 जैसे विमानों की 6 घंटे की पार्किंग फीस लगभग 14500 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर यह शुल्क केवल 6900 रुपये है। इसका मतलब है कि जेवर एयरपोर्ट पर पार्किंग की लागत दिल्ली की तुलना में लगभग दोगुनी है। इसके अलावा, मुंबई एयरपोर्ट की तुलना में भी जेवर एयरपोर्ट की पार्किंग फीस अधिक बताई जा रही है। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि जब संचालन की लागत बढ़ेगी, तो इसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे यात्रियों को अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है.


यूडीएफ में भारी अंतर

रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस 653 रुपये प्रस्तावित है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर यह केवल 129 रुपये है। यह लगभग 406 प्रतिशत अधिक है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी जेवर एयरपोर्ट की यूडीएफ दिल्ली से काफी अधिक बताई जा रही है। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि यदि यही शुल्क लागू रहता है, तो उन्हें हर साल करोड़ों रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं.


एयरलाइन कंपनियों की चिंताएँ

इंडिगो एयरलाइंस ने एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी को पत्र लिखकर इन शुल्कों पर चिंता व्यक्त की है। एयरलाइंस का कहना है कि नोएडा एयरपोर्ट की फीस संरचना दिल्ली की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा, एयरलाइंस ने यह भी सवाल उठाया है कि एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई है। मेट्रो रैपिड रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन सुविधाएँ अभी निर्माणाधीन हैं। इस मामले में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है और अस्थाई शुल्क लागू है.


घरेलू उड़ानों की शुरुआत

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानें शुरू होने जा रही हैं, जिसमें बेंगलुरु, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद और अन्य शहरों के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यात्रियों को अभी इंतजार करना होगा। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण कार्य सितंबर तक पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद सुरक्षा मंजूरी मिलने पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी.