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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मेगा आईपीओ: 23,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) अब शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए तैयार है, जिससे निवेशकों को लंबे समय से प्रतीक्षित मेगा आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है। एनएसई इस आईपीओ के माध्यम से 23,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। 2016 से अटकी इस फाइल को अब सेबी से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। एसबीआई भी अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। जानें इस आईपीओ की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) अब शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे निवेशकों को लंबे समय से प्रतीक्षित मेगा आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है। सेबी से हरी झंडी मिलने के संकेतों के बाद, एक्सचेंज ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, जून के अंत तक इसका ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल किया जाएगा, और इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही यानी दिसंबर तक इसके शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे.


क्या हुंडई और एलआईसी का रिकॉर्ड टूटेगा?

रिपोर्टों के अनुसार, एनएसई इस आईपीओ के माध्यम से अपनी 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है, जिससे लगभग 23,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। हालांकि, बाजार की स्थिति और अंतिम मूल्यांकन के आधार पर यह राशि बदल भी सकती है। आपको याद होगा कि देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हुंडई (अक्टूबर 2024 में 2,858 करोड़ रुपये) और एलआईसी (2022 की शुरुआत में 20,000 करोड़ रुपये) के नाम है। एनएसई अब इन दिग्गजों को पीछे छोड़ने की तैयारी कर रहा है।


2016 से अटकी थी आईपीओ की फाइल

यह आईपीओ की कहानी 2016 से शुरू होती है, जब एनएसई ने पहले बाजार से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अपना ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। उस समय को-लोकेशन विवाद के कारण योजना पर ब्रेक लग गया था। तब से, एक्सचेंज प्रबंधन ने कई बार सेबी से मंजूरी के लिए प्रयास किए हैं। अब जाकर इस लंबे संघर्ष का फल मिलता दिख रहा है। एनएसई ने इस मेगा लॉन्चिंग के लिए 20 प्रमुख मर्चेंट बैंकर्स और कई लॉ फर्म्स की टीम तैयार कर ली है।


एसबीआई भी करेगा हिस्सेदारी बिक्री

एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने हाल ही में बताया कि बैंक एनएसई आईपीओ में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में, एसबीआई और उसकी सहायक कंपनी एसबीआई कैप्स की एनएसई में हिस्सेदारी की कुल वैल्यू लगभग 43,500 करोड़ रुपये आंकी गई है। जब यह इश्यू खुलेगा, तो बड़े संस्थानों के साथ-साथ रिटेल निवेशकों का पैसा भी बाजार में आएगा। सभी की नजरें जून में दाखिल होने वाले प्रारंभिक दस्तावेजों पर टिकी हैं, जिससे इस मेगा ऑफर की तस्वीर और इसके मूल्यांकन से जुड़े आंकड़े स्पष्ट होंगे.