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नेपाल के चुनावों में बालेन शाह की पार्टी को मिली ऐतिहासिक जीत

नेपाल में 5 मार्च 2026 को हुए आम चुनावों में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। मतगणना के रुझानों के अनुसार, उनकी पार्टी ने कई सीटों पर बढ़त बनाई है, जिससे उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना बढ़ गई है। पारंपरिक दलों की स्थिति कमजोर हो गई है, और युवा मतदाताओं का समर्थन RSP को एक नई पहचान दे रहा है। यह चुनाव नेपाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
 

नेपाल के आम चुनावों में बालेन शाह की पार्टी की सफलता


5 मार्च 2026 को नेपाल में हुए आम चुनावों के परिणामों ने राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है। काठमांडू के पूर्व मेयर और रैपर से नेता बने बालेन शाह की पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), ने एक सुनामी जैसी बढ़त हासिल की है, जिससे उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना काफी बढ़ गई है।


मतगणना के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार (7 मार्च 2026 तक):



  • RSP ने प्रत्यक्ष चुनाव (FPTP) की 165 सीटों में से कई पर जीत हासिल की है और 90-110+ सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है (विभिन्न स्रोतों के अनुसार 20-29 सीटें जीतीं और 88-98+ पर लीड)।

  • 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में RSP को प्रचंड बहुमत मिलने की संभावना है, जो 36 वर्षों में किसी दल को इतना मजबूत जनादेश देगा।

  • RSP का चुनाव चिह्न ‘घंटी’ है, और यह Gen-Z मतदाताओं, युवाओं और भ्रष्टाचार-विरोधी भावना के सहारे उभरी है। पिछले साल के हिंसक Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है, जहां पारंपरिक दलों को करारी शिकस्त मिली।


पारंपरिक दलों की स्थिति:



  • नेपाली कांग्रेस (गगन थापा के नेतृत्व में): केवल 10-14 सीटों पर संघर्ष कर रही है, कई प्रमुख नेता पीछे रह गए हैं।

  • सीपीएन-यूएमएल (केपी शर्मा ओली): 11-13 सीटों पर सिमट गए हैं, ओली खुद झापा-5 में बालेन शाह से 10,000+ वोटों से पीछे चल रहे हैं (कुछ रुझानों में 13,000+ वोटों की लीड बालेन को मिली है)।

  • माओवादी केंद्र (पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’): दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई, हालांकि प्रचंड अपनी सीट बचाने में सफल रहे।


यह चुनाव नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हुआ है। युवा मतदाताओं की नाराजगी, राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्से ने RSP को ‘जनता की सुनामी’ बना दिया है। बालेन शाह (35 वर्षीय) नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन सकते हैं, और उनकी जीत से राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद जगी है।