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नूर खान एयरबेस: पाकिस्तान का रणनीतिक हवाई अड्डा और हालिया घटनाक्रम

नूर खान एयरबेस, जो पाकिस्तान एयर फोर्स का एक प्रमुख हवाई अड्डा है, हाल ही में तालिबान के हमले का शिकार बना। यह एयरबेस रावलपिंडी में स्थित है और इसकी रणनीतिक महत्वता है। तालिबान ने इसे पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर की गई एयरस्ट्राइक्स का जवाब बताया है। जानें इस एयरबेस के इतिहास, सुविधाओं और हालिया घटनाक्रम के बारे में।
 

नूर खान एयरबेस का परिचय


नूर खान एयरबेस, जिसे पहले चकला एयरबेस के नाम से जाना जाता था, पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) का एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक हवाई अड्डा है। यह रावलपिंडी में स्थित है, जो पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है।


स्थान और महत्व: यह एयरबेस रावलपिंडी/इस्लामाबाद क्षेत्र में स्थित है, जिससे यह पाकिस्तान की राजधानी के निकटतम प्रमुख सैन्य हवाई अड्डा बन जाता है। यहाँ से वायु रक्षा, परिवहन, प्रशिक्षण और ऑपरेशनल मिशन संचालित होते हैं।


इतिहास: यह एयरबेस 1940 के दशक में ब्रिटिश शासन के दौरान स्थापित हुआ और स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान एयर फोर्स का हिस्सा बना। इसका नाम एयर मार्शल नूर खान के नाम पर रखा गया, जो पाकिस्तानी एयर फोर्स के पूर्व कमांडर-इन-चीफ थे।


सुविधाएं: यहाँ फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट विमान (जैसे C-130), हेलीकॉप्टर और ड्रोन ऑपरेशंस की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह PAF के Northern Air Command का हिस्सा है।


पिछले हमले: मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस बेस को निशाना बनाया गया था, जिससे इसकी संरचना को नुकसान पहुंचा। अब मार्च 2026 में अफगान तालिबान ने इसे फिर से टारगेट किया है।


तालिबान का हालिया हमला

तालिबान के हमले का कारण: तालिबान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान (काबुल, बगराम आदि) पर की गई हालिया एयरस्ट्राइक्स का जवाब था। उन्होंने दावा किया कि ड्रोन और अन्य एयरक्राफ्ट से 'सटीक' हमले किए गए, जिसमें नूर खान बेस के अलावा क्वेटा की 12वीं डिवीजन, मोहम्मद एजेंसी का ख्वाजई कैंप और घलानी बेस शामिल थे। तालिबान का कहना है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ, जिसमें 32 सैनिकों की मौत और कई ड्रोन गिराए जाने का दावा किया गया है।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: अभी तक पाकिस्तानी अधिकारियों से इस हमले की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। कुछ रिपोर्टों में इसे 'ड्रोन हमला' बताया गया है। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन विवाद, टीटीपी (Tehrik-i-Taliban Pakistan) मुद्दे और सीमा पर तनाव के कारण पिछले कुछ दिनों से 'ओपन वॉर' जैसे हालात बने हुए हैं।


यह घटना दक्षिण एशिया में सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना रही है। स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि अभी लंबित है, और स्थिति तेजी से बदल सकती है।


यदि आपको नूर खान बेस की तस्वीरें, मैप या और जानकारी चाहिए तो बताएं!