नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव में नामांकन पर समर्थकों की मांग
नीतीश कुमार का नामांकन और समर्थकों की प्रतिक्रिया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की घोषणा की है, जिसके बाद जनता दल (यूनाइटेड) के समर्थकों ने उनसे बिहार में बने रहने की अपील की है। शुक्रवार को पार्टी कार्यालय के बाहर समर्थकों ने पोस्टर लगाकर नीतीश से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। पोस्टर पर लिखा था कि नीतीश सेवक पुकार रहे हैं, और यह भी कहा गया कि "जनता के जनादेश और लोकतंत्र में आत्मसम्मान का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर
नीतीश कुमार, जो बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं, ने दो दशकों से अधिक समय तक सेवा की है। उन्होंने घोषणा की कि वे राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ेंगे और गुरुवार को अपने नामांकन को दाखिल करेंगे। 75 वर्षीय नेता ने कहा कि नए मंत्रिमंडल को उनका पूरा समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने X पर लिखा कि इस बार वे राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं और भविष्य में भी बिहार के विकास के लिए काम करने का संकल्प लिया है।
एनडीए का समर्थन और चुनाव की तैयारियाँ
नीतीश कुमार के अलावा, उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन समेत अन्य एनडीए उम्मीदवारों ने भी उच्च सदन के लिए नामांकन दाखिल किया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने कुमार के इस निर्णय का स्वागत किया है और उनकी संसदीय लोकतंत्र में वापसी की सराहना की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार के कार्यकाल को राज्य के इतिहास का "स्वर्ण अध्याय" बताया, जिसमें उन्होंने बिहार की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राज्यसभा चुनाव की तिथियाँ
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नीतीश कुमार ने बिहार की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आगामी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनावों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा, और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी।