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नीटयूजी 2026 पेपर लीक: छात्रों की आत्महत्या से बढ़ा तनाव

नीटयूजी 2026 का पेपर लीक मामला छात्रों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। परीक्षा रद्द होने के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, जिससे उनके परिवारों में शोक का माहौल है। इस स्थिति ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट और राहुल गांधी जैसे नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
 

नीटयूजी 2026 पेपर लीक का मामला

नीटयूजी 2026 का पेपर लीक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर जहां इसकी जांच तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा रद्द होने से छात्रों में निराशा का माहौल है। इस स्थिति के कारण कुछ छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, जिससे उनके परिवारों में शोक का माहौल है। इस घटना ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


सीकर में प्रदीप मेघवाल ने आत्महत्या की

राजस्थान के सीकर में एक छात्र प्रदीप मेघवाल ने नीट परीक्षा रद्द होने के कारण आत्महत्या कर ली। प्रदीप पिछले तीन वर्षों से सीकर में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसके परिवार का कहना है कि प्रदीप को इस बार परीक्षा में सफलता की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वह तनाव में आ गया।


सचिन पायलट का दुखद बयान

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रदीप की मौत पर दुख व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के कारण छात्रों में तनाव बढ़ रहा है, जिससे आत्महत्या जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।


लखीमपुर में ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में एक और छात्र ऋतिक मिश्रा ने आत्महत्या कर ली। उसके परिवार का कहना है कि नीट परीक्षा रद्द होने से वह काफी परेशान था। ऋतिक ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की। पुलिस ने कहा कि यह कदम व्यक्तिगत कारणों से उठाया गया है।


दिल्ली में अंशिका की आत्महत्या

दिल्ली में एक छात्रा अंशिका ने भी आत्महत्या की। उसके परिवार का मानना है कि परीक्षा रद्द होने के कारण उसने यह कदम उठाया। अंशिका को इस साल अच्छे अंक प्राप्त करने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे तोड़ दिया।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे सिस्टम द्वारा हत्या करार दिया है और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।