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नीट परीक्षा लीक पर संसद में गरमाई राजनीति, कांग्रेस ने की चर्चा की मांग

संसद के मानसून सत्र में नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। उन्होंने बताया कि नीट परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने सीबीएसई की मार्किंग प्रणाली में खामियों और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

संसद में नीट परीक्षा लीक पर चर्चा की मांग

संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET-UG) प्रश्नपत्र लीक मामले और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कांग्रेस के सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में सभी निर्धारित कार्यों को स्थगित कर भारत की परीक्षा प्रणाली में मौजूद संकट पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है।


सुरजेवाला ने अपने नोटिस में कहा कि सदन को शून्यकाल, प्रश्नकाल और अन्य सभी निर्धारित कार्यों को रोककर इस गंभीर मुद्दे पर प्राथमिकता से चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नीट परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जिससे छात्रों में असंतोष और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।


सुरजेवाला का बयान

उन्होंने कहा, 'यह सदन शून्यकाल और प्रश्नकाल से संबंधित नियमों को स्थगित कर भारत की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त संकट पर चर्चा करे।' सुरजेवाला ने यह भी बताया कि संगठित प्रश्नपत्र लीक गिरोह के आरोपों के चलते नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करना पड़ा, जिससे लाखों अभ्यर्थी प्रभावित हुए।


इसके अलावा, उन्होंने बताया कि कम से कम 65 भर्ती परीक्षाओं में बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने यह दर्शाया है कि सुरक्षा उपायों के बावजूद प्रणाली में खामियां बनी हुई हैं।


सीबीएसई की प्रणाली में खामियां

कांग्रेस सांसद ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली में गंभीर कमियों के कारण मूल्यांकन और पारदर्शिता को लेकर कई शिकायतें आई हैं। इससे लाखों छात्रों को शैक्षणिक, आर्थिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में नीट से जुड़े कम से कम 93 छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएँ सामने आई हैं।


पुलिस कार्रवाई पर चिंता

सुरजेवाला ने अपने नोटिस में यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की खबरें आई हैं। उनके अनुसार, परीक्षाओं और सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सुधारों की आवश्यकता है।


उन्होंने कहा, 'इन गंभीर चिंताओं को देखते हुए इस विषय पर सदन में तत्काल विचार और चर्चा की आवश्यकता है।' यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने संसद में सभी कामकाज स्थगित कर नीट प्रश्नपत्र लीक, छात्रों के आंदोलन और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है।


सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार ने कहा है कि वह नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस चाहती है कि यह चर्चा राज्यसभा में नियम 267 और लोकसभा में नियम 56 के तहत की जाए। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण पहले तीन दिनों में कोई कामकाज नहीं हो सका।