निशु आजाद का प्रदर्शन में पुलिस द्वारा हिरासत, 15 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार पर उठे सवाल
गाजियाबाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई
गाजियाबाद: CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन में निशु आजाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना के दौरान, उन्होंने आरोप लगाया कि एक 15 वर्षीय बच्ची को लाठियों से पीटा जा रहा है। इस घटना ने प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच के संबंधों पर बहस को तेज कर दिया है, विशेषकर नाबालिगों के अधिकारों के संदर्भ में।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल होने से पहले पुलिस ने गाजियाबाद में उनके निवास पर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद, निशु आजाद दिल्ली में प्रदर्शन में पहुंच गईं, जहां उन्होंने अपने चेहरे को कपड़े से ढक रखा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
निशु आजाद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक 15 वर्षीय बच्ची के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की। बस में बैठाए जाने के दौरान, उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी बात रखी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक बयान आवश्यक है।
इस घटना के बाद, निशु आजाद के पिता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, उनकी 15 वर्षीय बेटी को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया और उसके साथ लाठियों से मारपीट की गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की अपील की।
CJP से जुड़े मामलों में पहले भी विवाद उठ चुके हैं। प्रदर्शन में शामिल नाबालिगों के साथ कथित दुर्व्यवहार, धमकी और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विभिन्न पक्ष अपनी बात रखते रहे हैं। ऐसे मामलों में आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आना महत्वपूर्ण है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।
निशु आजाद को हिरासत में लेने की घटना ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका और नाबालिगों के अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले में पुलिस का आधिकारिक बयान, उपलब्ध वीडियो की जांच और संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।