नितेश तिवारी की 'रामायण' फिल्म में कॉस्ट्यूम विवाद पर डिजाइनर्स की प्रतिक्रिया
फिल्म 'रामायण' का विवादित कॉस्ट्यूम
मुंबई: नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। इस बार चर्चा का कारण फिल्म का ट्रेलर नहीं, बल्कि उसमें दिखाए गए कलाकारों के कॉस्ट्यूम और लुक हैं। ट्रेलर के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने साई पल्लवी के सीता और लारा दत्ता के कैकेयी अवतार पर सवाल उठाए। कुछ लोगों का मानना था कि दोनों किरदारों का लुक पारंपरिक रामायण की छवि से भिन्न और अपेक्षाकृत आधुनिक है।
सोशल मीडिया पर बढ़ती आलोचना के बीच, फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने पहली बार इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कलाकारों का लुक किसी भी प्रकार की लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि यह पूरी रिसर्च, ऐतिहासिक अध्ययन और फिल्म की रचनात्मक दृष्टि के आधार पर तैयार किया गया है।
डिजाइनर्स के अनुसार, फिल्म का उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत के पहनावे, ऐतिहासिक संदर्भों, मूर्तिकला, चित्रकला और विभिन्न सांस्कृतिक स्रोतों का गहन अध्ययन करने के बाद कॉस्ट्यूम तैयार किए गए हैं। उनका कहना है कि दर्शकों को फिल्म में एक अलग लेकिन संतुलित सिनेमाई प्रस्तुति देखने को मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेलर में दिखाई गई झलक फिल्म का केवल एक छोटा हिस्सा है। पूरी फिल्म देखने के बाद दर्शकों को किरदारों की वेशभूषा और उनके पीछे की सोच को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। डिजाइनर्स ने स्वीकार किया कि उन्होंने पारंपरिक और सिनेमाई प्रस्तुति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, इसलिए कुछ लुक दर्शकों को अलग लग सकते हैं।
विवाद के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की राय भी विभाजित नजर आ रही है। एक वर्ग का मानना है कि धार्मिक और पौराणिक किरदारों को पारंपरिक रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जबकि दूसरे वर्ग का कहना है कि फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मक स्वतंत्रता के तहत नए प्रयोग करने का अधिकार है, बशर्ते मूल कथा और पात्रों की गरिमा बनी रहे।
गौरतलब है कि इस बड़े बजट की फिल्म में कई चर्चित कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं और इसकी घोषणा के बाद से दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में फिल्म से जुड़ा हर पोस्टर, टीजर और ट्रेलर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन रहा है।
फिलहाल फिल्म के मेकर्स और डिजाइनर्स का कहना है कि उनका पूरा ध्यान भारतीय संस्कृति और महाकाव्य की गरिमा को बनाए रखते हुए दर्शकों के सामने एक भव्य सिनेमाई अनुभव पेश करने पर है। अब सभी की नजर फिल्म की रिलीज पर है, जब यह स्पष्ट हो सकेगा कि दर्शक इस नए दृष्टिकोण को कितना स्वीकार करते हैं।