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नितिन गडकरी ने असम में अवैध प्रवासियों पर उठाए गए कदमों का समर्थन किया

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने असम में अवैध प्रवासियों के खिलाफ उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। उन्होंने इस मुद्दे को किसी विशेष धर्म से न जोड़ने की अपील की और कहा कि यह राष्ट्रीय हित में है। गडकरी ने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की सफलता पर विश्वास व्यक्त किया, यह बताते हुए कि 2014 के बाद से असम में अवसंरचना में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा।
 

गडकरी का बयान

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2 अप्रैल को कहा कि असम सरकार द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ उठाए गए कदमों को किसी विशेष धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों को मतदान का अधिकार देने के खिलाफ पार्टी के रुख को दोहराते हुए राष्ट्रीय हित का हवाला दिया। गडकरी ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को "वोट बैंक की राजनीति" के लिए सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं, जो राष्ट्र के हितों की बजाय अपने राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दे रहे हैं।


अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई

गडकरी ने कहा कि दुनिया भर में अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और इसे किसी धर्म से जोड़ना गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे असम में रहने वाले मुसलमानों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बांग्लादेशी नागरिकों को मतदान का अधिकार देना उचित नहीं है। यह बयान उन्होंने केवल राष्ट्रीय हित में दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि गलत है।


असम विधानसभा चुनावों की तैयारी

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले अवैध घुसपैठ को राज्य की जनसंख्या संरचना पर प्रभाव डालने वाले एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में उठाया है। गडकरी ने भाजपा की आगामी विधानसभा चुनावों में सफलता पर विश्वास व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की सरकार द्वारा 2014 से किए गए अवसंरचना विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि असम की जनता एक बार फिर भाजपा को भारी बहुमत से जीत दिलाएगी, क्योंकि 2014 के बाद से स्थिति में काफी बदलाव आया है।


विकास की दिशा में कदम

गडकरी ने कहा कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। आज असम में अच्छी सड़कें, ब्रह्मपुत्र पर 11-12 पुल, हवाई अड्डे, जलमार्ग और रेलवे देखे जा सकते हैं। जब लोगों को अपनी आकांक्षाएं पूरी होती दिख रही हैं, तो विकास के प्रति सकारात्मकता और समर्थन बढ़ रहा है। इसलिए, असम की जनता सकारात्मक रूप से मतदान करेगी। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को की जाएगी। एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य बना रहा है, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।