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नागपुर में औद्योगिक विस्फोट: 17 की मौत, 18 घायल

1 मार्च 2026 को नागपुर में एक गंभीर औद्योगिक हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए। एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए इस विस्फोट ने आसपास के क्षेत्रों में तबाही मचाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर शोक व्यक्त किया है। राहत कार्य जारी है और जांच के आदेश दिए गए हैं। यह घटना औद्योगिक सुरक्षा के मानकों पर गंभीर सवाल उठाती है।
 

नागपुर में भयानक औद्योगिक हादसा


1 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर जिले में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना हुई। काटोल तहसील के राउलगांव में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड नामक विस्फोटक निर्माण कंपनी में सुबह लगभग 7 बजे एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ। यह कंपनी खनन और औद्योगिक उपयोग के लिए विस्फोटक पदार्थ और डेटोनेटर का निर्माण करती है।


हादसे का विवरण


  • मृतकों की संख्या: विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 15 से 17 लोगों की जान गई है, जिसमें कई प्रमुख मीडिया स्रोतों ने 17 की पुष्टि की है।

  • घायल: कम से कम 18 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश महिलाएं हैं। घायलों को नागपुर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

  • विस्फोट की तीव्रता: धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और आग लग गई। आग Nonel crimping प्लांट क्षेत्र से शुरू होकर फैल गई।

  • बचाव कार्य: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची हैं। राहत-बचाव कार्य जारी है, मलबा हटाया जा रहा है और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है।


सरकारी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएमओ के अनुसार:



  • प्रत्येक मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

  • घायलों को 50,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया है और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को अतिरिक्त सहायता देने की संभावना पर विचार कर रही है।


कारण और जांच

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, डेटोनेटर से वायर कनेक्ट करते समय विस्फोट हुआ। जांच चल रही है, जिसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल और कंपनी की लापरवाही पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में कई विस्फोटों का गवाह रहा है, जिससे औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


यह घटना श्रमिकों की सुरक्षा और उच्च-जोखिम वाले उद्योगों में सख्त मानकों की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है। प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना।