नागपुर में 16वीं राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया 1 मई से शुरू
जनगणना की शुरुआत
भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना का कार्य नागपुर में 1 मई से आरंभ होने जा रहा है। नागपुर नगर निगम ने इस अभियान को 'जन कल्याण के लिए जनगणना' के विषय के साथ शुरू करने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल-फर्स्ट होगी, जिसका अर्थ है कि इसमें पहले डिजिटल साधनों का उपयोग किया जाएगा।
जनगणना के चरण
यह जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण (1 से 15 मई): इस दौरान नागरिकों को अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा मिलेगी।
दूसरा चरण (16 मई से 14 जून): इस चरण में सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे और 'हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन' (HLO) मोबाइल ऐप का उपयोग करके जानकारी एकत्र करेंगे।
कर्मचारियों की तैनाती
इस कार्य के लिए नागपुर नगर निगम के अंतर्गत लगभग 4,500 गणनाकारों और 700 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है। प्रत्येक गणनाकार को लगभग 800 निवासियों का डेटा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
ऑनलाइन जानकारी भरने की प्रक्रिया
नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर का उपयोग करके आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर अपनी जानकारी भर सकते हैं। यह पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध है। जब परिवार के मुखिया फॉर्म भर लेंगे, तो उन्हें 11 अंकों की 'SE ID' प्राप्त होगी, जिसे घर पर आने वाले गणनाकारों को दिखाना आवश्यक होगा।
नगर आयुक्त की चेतावनी
नगर आयुक्त विपिन इटनकर ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे डिजिटल उपकरणों का सही उपयोग करें ताकि डेटा सटीकता से भरा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो कर्मचारी लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनगणना के सवाल
2011 की जनगणना के अनुसार, नागपुर की जनसंख्या 24,05,665 थी, जिसमें 12,25,405 पुरुष और 11,80,260 महिलाएं शामिल थीं। इस बार निवासियों को कुल 33 सवालों के उत्तर देने होंगे, जिनमें घर की संरचना, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, परिवार का विवरण, सामाजिक श्रेणी, और सुविधाओं जैसे पीने का पानी, बिजली, शौचालय, जल निकासी, बाथरूम, रसोई और खाना पकाने के ईंधन से संबंधित जानकारी शामिल होगी।