नागपुर नगर निगम चुनाव: भाजपा का मजबूत प्रदर्शन, कांग्रेस पीछे
नागपुर में मतगणना की स्थिति
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों की मतगणना शुक्रवार को जारी है, और सभी की नजरें आरएसएस के गढ़ नागपुर के 151 वार्डों पर टिकी हुई हैं। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एनसीपी के साथ सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी शहर में मजबूती से आगे बढ़ रही है। वहीं, कांग्रेस काफी पीछे है, और महा विकास अघाड़ी गठबंधन के अन्य क्षेत्रों में भी मतगणना में दो अंकों का आंकड़ा पार नहीं हुआ है.
भाजपा की स्थिति
नागपुर में लगभग दो घंटे की मतगणना के बाद, भाजपा ने 151 सीटों में से 78 पर बढ़त बना ली है, जबकि कांग्रेस 26 सीटों पर आगे चल रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार, नागपुर की जनसंख्या 38 वार्डों में 2,447,494 थी, जिसमें 480,759 अनुसूचित जाति और 188,444 अनुसूचित जनजाति के निवासी शामिल हैं। महिलाओं के लिए आरक्षित 76 सीटों ने मतदाताओं में लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया है.
मतदान की प्रक्रिया
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को हुए चुनावों में नागपुर में 51 प्रतिशत मतदान हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी अपने मत डाले। हालांकि, मतदाताओं की उंगलियों पर 'अमिट' स्याही से निशान लगाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के नेता उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है.
राज्य चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण
राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्याही की गुणवत्ता अच्छी है और इसे मिटाना कठिन है। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयुक्त डीटी वाघमारे ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास था.