×

नए साल में तंबाकू कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट

नए साल के पहले कारोबारी दिन तंबाकू कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। सरकार द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने के निर्णय के बाद, ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में महत्वपूर्ण कमी आई। वित्त मंत्रालय ने 1 फरवरी 2026 से नई ड्यूटी लागू करने की घोषणा की है, जिससे सिगरेट की कीमतों में वृद्धि की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे वैध सिगरेट की बिक्री प्रभावित हो सकती है। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण।
 

शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों की स्थिति

मुंबई, 1 जनवरी 2026: नए साल के पहले कारोबारी दिन तंबाकू कंपनियों के शेयरों में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। सरकार द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने के निर्णय के बाद, ITC के शेयर लगभग 10% गिरकर 52-सप्ताह के न्यूनतम स्तर Rs 362.70 पर पहुँच गए। इसी तरह, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में 19% तक की गिरावट आई, जो Rs 2,230 के आसपास ट्रेड कर रहे थे।


वित्त मंत्रालय ने बुधवार की रात एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू करने की जानकारी दी गई। सिगरेट की लंबाई के अनुसार प्रति 1,000 सिगरेट पर ड्यूटी Rs 2,050 से Rs 8,500 तक होगी। यह ड्यूटी मौजूदा 40% GST के अतिरिक्त होगी, जिससे सिगरेट की कीमतों में वृद्धि की संभावना है।


शेयरों में गिरावट का विश्लेषण

शेयरों में गिरावट का विवरण



  • ITC: लगभग 9-10% की गिरावट, इंट्राडे लो Rs 362.70 (52-सप्ताह का न्यूनतम स्तर)। कंपनी की मार्केट वैल्यू में लगभग Rs 50,000 करोड़ की कमी।

  • गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया: 15-19% की भारी गिरावट, जो नवंबर 2016 के बाद का सबसे बड़ा एकल-दिन का गिरावट है।

  • अन्य तंबाकू स्टॉक्स जैसे VST इंडस्ट्रीज में भी 4-7% की गिरावट देखी गई।


ड्यूटी बढ़ाने के कारण

क्यों बढ़ाई गई ड्यूटी?



  • GST कंपेंसेशन सेस के स्थान पर नई एक्साइज ड्यूटी।

  • स्वास्थ्य कारणों से तंबाकू की खपत को कम करने का उद्देश्य।

  • WHO के 75% टैक्स बेंचमार्क की दिशा में कदम, वर्तमान में भारत में यह लगभग 53% है।

  • पान मसाला पर नया हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस भी लागू किया गया।


विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों का मानना है कि इससे वैध सिगरेट की बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और अवैध बाजार को बढ़ावा मिल सकता है। ITC की सिगरेट व्यवसाय से 40% से अधिक राजस्व आता है, इसलिए इसे सबसे बड़ा झटका लगेगा।


नए साल की शुरुआत में निवेशकों को यह झटका लगा है। आगे कीमतों में वृद्धि से उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ेगा, लेकिन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इसे सकारात्मक कदम माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि दीर्घकालिक निवेशक गिरावट पर खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में दबाव बना रहेगा।