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नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में AI आधारित ऑडियोबुक का अनोखा अनुभव

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में इस बार एक अनोखा AI आधारित ऑडियोबुक बूथ स्थापित किया गया है, जो पाठकों को अपनी आवाज़ में कहानियाँ सुनने का अवसर दे रहा है। बुक्सवैगन द्वारा संचालित इस बूथ में पाठक अपनी पसंदीदा कहानियों के वाचक बन सकते हैं। यह अनुभव न केवल तकनीक प्रेमियों के लिए, बल्कि सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक है। इस लेख में जानें कि कैसे यह तकनीक साहित्य के साथ जुड़ रही है और पाठकों को एक नया अनुभव प्रदान कर रही है।
 

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला: तकनीक और साहित्य का संगम

प्रगति मैदान में आयोजित 'नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला' इस बार न केवल पुस्तक प्रेमियों के लिए, बल्कि तकनीक के शौकीनों के लिए भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण बन गया है। इस वर्ष मेले में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संचालित ऑडियोबुक बूथ की स्थापना की गई है, जो सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।


ऑनलाइन बुकस्टोर बुक्सवैगन ने पाठकों को अपनी आवाज़ में ऑडियोबुक सुनने का अनूठा अनुभव प्रदान करने का अवसर दिया है। इसमें पाठक केवल एक अंश पढ़ सकते हैं।


पुस्तक मेले में, पाठक अपनी आवाज़ का नमूना रिकॉर्ड करने के लिए कतार में खड़े हैं और अपनी पसंदीदा कहानियों के वाचक बन रहे हैं। यहां 'मोबी-डिक', 'किम', 'रामायण' और 'भगवद गीता' जैसे महाकाव्य शामिल हैं। प्रक्रिया बेहद सरल है: एक छोटा सा अंश रिकॉर्ड करें और फिर बुक्सवैगन के प्लेटफॉर्म पर 100 से अधिक शीर्षकों में से चुनें, ताकि आप अपनी आवाज़ में ऑडियोबुक सुन सकें।


बुक्सवैगन के संस्थापक शुभम जैन ने बताया, 'सिर्फ 30 सेकंड का आवाज़ का नमूना ही पर्याप्त है।' वर्तमान में यह फ़ीचर डेमो प्रारूप में है, जो उपयोगकर्ताओं को उनकी क्लोन की गई आवाज़ में पढ़े गए अंश सुनने की अनुमति देता है। जैन ने कहा कि इसका एक पूर्ण विकसित संस्करण अगले महीने तक उपलब्ध होने की उम्मीद है, जो सुनने वालों को अपनी आवाज़ में पूरी ऑडियोबुक सुनने का अनुभव देगा।


इसका मतलब है कि पाठक अपनी आवाज़ में कहानियां सुनने के अलावा, जल्द ही अपनी दादी को बच्चों की पंचतंत्र की कहानियां सुनाते हुए, माता-पिता को सोते समय कहानियां पढ़ते हुए, या किसी अपने की आवाज़ में पसंदीदा किताबों को जीवंत करते हुए सुन सकेंगे।


अपनी आवाज़ से कहानी को जीवंत होते देखने के लिए उत्सुक, 14 वर्षीय छात्रा वर्षा पुंज ने कहा कि अपनी आवाज़ सुनना एक अद्भुत अनुभव था, भले ही यह केवल एक पैराग्राफ के लिए ही क्यों न हो। उन्होंने कहा, 'यह देखना दिमाग घुमा देने वाला है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ ही मिनटों में क्या कर सकता है। यह सच में एक अनोखा अनुभव था।'


प्रमुख बिंदु:


स्थान: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (प्रगति मैदान)।


आकर्षण: AI आधारित ऑडियोबुक रिकॉर्डिंग बूथ।


अनुभव: पाठक अपनी आवाज में कहानियों को रिकॉर्ड कर सकते हैं।


उद्देश्य: तकनीक और साहित्य के बीच की दूरी को कम करना।